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कोटा में बच्चों की मौत पर बोले गहलोत- सीएए से ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा

Thu, 02 Jan 2020 08:06 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

  • कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में नवजातों की मौत का सिलसिला जारी।
  • दिसंबर के आखिरी दो दिनों में यहां नौ और बच्चों की मौत।
  • मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर सौ तक पहुंचा।
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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत - फोटो : ANI
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विस्तार
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राजस्थान के कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में नवजातों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर के आखिरी दो दिनों में यहां नौ और बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर सौ तक पहुंच गया है। इसे लेकर सीएम अशोक गहलोत विपक्ष के निशाने पर हैं।

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वहीं, बच्चों की मौत पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जो माहौल बना हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है। मैं पहले ही कह चुका हूं कि इस साल शिशुओं की मौत के आंकड़ों में पिछले कुछ सालों की तुलना में काफी कमी आई है।
 

 

गहलोत ने कहा, "कोटा को लेकर knowingly, unknowingly, innocently, कुछ लोग mischievously शरारत कर रहे हैं। जिस प्रकार मीडिया में चलाया गया वह ठीक नहीं है। आज मैंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रीजी से बात की है। उनको मैंने कहा है आप खुद एक बार पधारो,आप खुद मंत्री हैं,आप आते ही समझ जाएंगे स्थिति क्या है।"

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इससे पहले भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कई ट्वीट किए, उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'जेके लोन अस्पताल, कोटा में हुई बीमार शिशुओं की मृत्यु पर सरकार संवेदनशील है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कोटा के इस अस्पताल में शिशुओं की मृत्यु दर लगातार कम हो रही है। हम आगे इसे और भी कम करने के लिए प्रयास करेंगे। मां और बच्चे स्वस्थ रहें यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में सर्वप्रथम बच्चों के लिए आईसीयू की स्थापना हमारी सरकार ने 2003 में की थी। कोटा में भी बच्चों के लिए आईसीयू की स्थापना हमने 2011 में की थी। स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए भारत सरकार के विशेषज्ञ दल का भी स्वागत है। हम उनसे विचार विमर्श और सहयोग से प्रदेश के चिकित्सा सेवाओं में इम्प्रूवमेंट के लिये तैयार हैं। निरोगी राजस्थान हमारी प्राथमिकता है। मीडिया किसी भी दबाव में आये बिना तथ्य प्रस्तुत करे, स्वागत है।

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