पूरे क्षेत्र में भीषण गर्मी और झुलसा देने वाली चिलचिलाती धूप से लोगों का हाल बेहाल है। चिलचिलाती धूप के कारण लोग दोपहर के समय घरों में रहने को मजबूर हैं। करौली, सपोटरा, हिंडौन, सहित अन्य सभी क्षेत्र में भीषण गर्मी और झुलसा देने वाली चिलचिलाती धूप से लोगों का हाल बेहाल है।
चिलचिलाती धूप के कारण लोग दोपहर के समय घरों में रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। पंखे व कूलर भी गर्मी से बचाव के लिए नाकाफी साबित हो रहें हैं। धूप में निकलने के बजाए लोग दुकानों और घरों में रहना सुरक्षित महसूस कर रहें हैं।
अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में गर्मी अपने पूरे चरम पर नजर आ रही है। गत वर्षों की अनुसार अबकी इस वर्ष अप्रैल में ही गर्मी ने सितम ढहाना शुरू कर दिया है। आज गर्मी के कारण शहर की ज्यादातर सड़कें सूनी दिखाई दे रहीं हैं। बढ़ती गर्मी के चलते ठंडे पेय पदार्थों की डिमांड काफी बढ़ गई है। बढ़ती गर्मी से बचने के लिए लिए लोग कोल्ड ड्रिंक, लस्सी, छाछ, गन्ना का रस, नीबू पानी, शिकंजी आदि पेय पदार्थ पीकर शरीर को ठंडक प्रदान कर रहें हैं।
सुबह 8 बजते ही गर्मी अपना सितम दिखाना शुरू कर देती है। दोपहर होते-होते गर्म हवाएं चलने से लोगों का हाल बेहाल होने लगता है। इस कारण लोग आवश्यक कार्य से ही बाहर निकल रहें हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 ड्रिगी सेल्सियस रहा। गुरुवार की बात की जाए तो अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 तक रहने की संभावना है।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी रामकेश मीना का कहना है कि गर्मी के समय में घरेलू नुस्खे जैसे दही, लस्सी, चाछ, नींबू पानी एवं मिट्टी के बर्तन का पानी, जूस, जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें। उन्होंने बताया कि गर्मी के समय में बच्चों एवं वृद्धजनों को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने दें। कोई भी अतिआवश्यक काम हो तभी घर से बाहर निकलें, क्योंकि तेज गर्मी के कारण बीमारी पड़ने का डर बना रहता है। अगर बच्चों को पेट दर्द जैसी समस्या होती है तो घर पर नींबू पानी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, आराम नही मिलने पर नजदीकी चिकित्सक से तुरंत सलाह लें।