भाजपा की जन आक्रोश यात्रा शुरू
जेपी नड्डा आज से राजस्थान में भाजपा जन आक्रोश यात्रा की शुरुआत करेंगे। इस दौरान वे 51 जन आक्रोश रथों को रवाना करेंगे। नड्डा जिन रथों को झण्डी दिखाएंगे, वे सभी उत्तरप्रदेश से यहां लाए गए हैं। इस यात्रा की शुरुआत से माना जाना लगा है कि भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा का प्रयास है कि यात्रा के जरिए दो करोड़ लोगों से जनसंपर्क किया जाए। एक दिसंबर से शुरू हुई भाजपा की जन आक्रोश यात्रा 14 दिसंबर तक चलेगी। यात्रा के करीब 75 हजार किलोमीटर के सफर के दौरान 20 हजार चौपाल और 20 हजार नुक्कड़ सभाएं भी आयोजित की जाएंगी।
रथ कहां से आए और क्या है खास?
- भाजपा ने महिंद्रा बोलेरो पिकअप गाड़ियों को जन आक्रोश यात्रा के लिए रथ का रूप दिलवाया है।
- ये सभी रथ उत्तरप्रदेश में रजिस्टर्ड नंबर के हैं। इन्हें वहां से जयपुर लगाया गया है।
- सभी रथ का भगवा रंग में रंगे हुए हैं। इन पर पीएम नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा, वसुंधरा राजे, गुलाबचन्द कटारिया और सतीश पूनिया की तस्वीर का बैनर भी लगाया गया है।
- रथ पर जन आक्रोश यात्रा का लोगो लगा है और प्रदेश की सरकार के जंगलराज, भ्रष्टाचार, कुशासन के खिलाफ जन आक्रोश यात्रा भी लिखा हुआ है।
- रथ पर 8140200200 मिस्ड कॉल नंबर डिस्प्ले किया है। साथ ही एलईडी लाइट भी लगी हुई, जिसकी रोशनी में नुक्कड़ सभा और चौपालें हो सकती हैं।
- दो स्पीकर और माइक का सिस्टम भी लगा हुआ है जिससे लोगों को संबोधित किया जा सकता है।
- रथ में सवार कार्यकर्ताओं के लिए मोबाइल चार्जिंग, पानी और सोने सहित अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं हैं।
- सबसे खास बात यह है कि रथ पर एक शिकायत पेटी भी रहेगी। जिसमें लोग अपी शिकायत या सुझाव लिखकर डाल सकते हैं। बाद में इन समस्याओं और सुझावों को अलग-अलग किया जाएगा। कॉमन समस्याओं को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश से लाए गए हैं ये रथ।
- फोटो : सोशल मीडिया
जन आक्रोश यात्रा में 5 लाख कार्यकर्ता जुटेंगे, 2 करोड़ लोगों तक पहुंचेंगे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने बताया कि जन आक्रोश यात्रा 1 से 14 दिसंबर तक प्रदेश में चलेगी। यह यात्रा प्रदेश के 200 विधानसभा क्षेत्र में जाएगी। यात्रा में शामिल सभी 51 रथ गांव-गांव, गली-गली और डगर-डगर जाएंगे। इस दौरान 20 हजार चौपालें और 20 हजार नुक्कड़ सभाएं होंगी। प्रदेश के 8 करोड़ लोगों तक इस यात्रा का संदेश जाएगा और 2 करोड़ लोगों से हम सीधे जुड़ेंगे। इसके अलावा 14 से लेकर 20 दिसंबर तक प्रदेश के 200 विधानसभा क्षेत्रों में जनाक्रोश सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा एक हजार महिला चौपाल, एक हजार युवा चौपाल और एससी, एसटी, ओबीसी के लिए भी 1-1 हजार चौपालें होंगी। जन आक्रोश यात्रा में भाजपा के 5 लाख कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
भाजपा गहलोत-पायलट विवाद और तुष्टिकरण को बनाएगी मुद्दा
गहलोत-पायलट विवाद को लेकर भाजपा शुरू से ही हमलावर रही है। अब चुनाव में भी भाजपा इसे मुद्दा बनाएगी। इसके अलावा प्रदेश में हुई हिंसा, हिंदुओं पर हमलों, मंदिरों में तोड़फोड़, धर्म परिवर्तन, तुष्टिकरण, महिला सुरक्षा और पेट्रोल-डीजल की कीमत पर भी भाजपा कांग्रेस को घेरेगी। इसके अलावा किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी, दलितों पर अत्याचार सहित अन्य मुद्दे भी भाजपा जोर-शोर से उठाएगी।