जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के हॉकी खेल मैदान में हुए सामूहिक दुष्कर्म के साथ साथ बनाड़ थाना क्षेत्र और आसोप इलाके में बलात्कार की घटना को लेकर बाल संरक्षण आयोग ने सुध लेते हुए पीड़ित बच्चियों और उनके परिजनों से मुलाकात की।
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राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने जोधपुर में गैंगरेप और रेप पीड़ित बच्चियों और उनके परिजनों से मुलाकात के बाद कहा आयोग ने ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए एसपी बनाने के साथ-साथ कारगर कदम उठाने की भी बात की है। संगीता बेनीवाल ने कहा- जोधपुर में बच्चियों के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए, यह सभी से अपील है। बेनीवाल ने मंगलवार को जोधपुर में बालिका गृह जाकर पीड़िता से मुलाकात की और घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने हाल ही में सात वर्ष की स्कूली बालिका के साथ स्कूल के ही चपरासी द्वारा किए गए दुष्कर्म मामले में भी बालिका के घर जाकर बालिका और उनके परिवारजनों से मुलाकात कर उस बच्ची की स्थिति और तबीयत की जानकारी ली है।
नाबालिक से सामूहिक दुष्कर्म मामले में राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने जोधपुर बालिका गृह जाकर पीड़िता से मुलाकात की और घटनाक्रम की जानकारी ली साथ ही इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि इस तरह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। बाल संरक्षण आयोग इसकी कड़ी निंदा करता है। हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि पीड़िता के हितों की रक्षा कर सकें। आज हमने सामूहिक दुष्कर्म मामले की पीड़िता से मुलाकात की है। यह सुनिश्चित किया है कि उसे किसी तरह की समस्या न हो। उन्होंने प्रदेश स्तर पर कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक कर ऐसे मामलों में एसपी तैयार करने के लिए कहा है। इसके अलावा माउंट आबू में होने जा रही बाल आयोग के अध्यक्ष और अधिकारियों की बैठक में ऐसे मुद्दों को लेकर ठोस नीतिगत निर्णय लेकर उनको अमलीजामा पहनाने का भी काम करने को कहा है।
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जल शक्ति मंत्री ने अपने कानों में रुई डाल रखी है
इसके अलावा जोधपुर में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए संगीता बेनीवाल ने आज एक बार फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का नाम लिया। जिसको लेकर बीते दिन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सवाल उठाए थे। जेएनवीयू से जुड़े मामले में कठोर शब्दों में निंदा करते हुए संगीता बेनीवाल ने शेखावत के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि शायद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने अपने कानों में रुई डाल रखी है। मैंने जयपुर में पत्रकार वार्ता में सिर्फ अपनी बात रखी थी। किसी भी मंत्री का कहीं जिक्र नहीं किया। इतना ही नहीं संगीता बेनीवाल ने उल्टे जल शक्ति मंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि आसोप और बनाड़ के मामले में केंद्रीय मंत्री क्यों चुप हैं? एबीवीपी के टिकट दिलाने के नाम पर किस तरह का कृत्य किया गया? संगीता बेनीवाल ने कहा कि मैं खुद बच्ची से मिली हूं। बच्चों के नाम पर राजनीति न करें।
राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग इस मामले में जयपुर और उसके बाद जोधपुर में पत्रकार वार्ता की। वहीं, अब मामले में AVBP छात्र संगठन का नाम आने से बयानबाजी भी जोर पर है। उम्मीद है इस मामले को ध्यान में रखकर आने वाले समय में घटना की पुनरावृत्ति न हो, प्रदेश में महिलाओं को सम्मान मिले, स्कूल और कॉलेज की बालिकाओं के साथ ज्यादती न हो, इसको लेकर और कारगर कदम उठाए जाएंगे।