राजस्थान में फिर बरसेगा मानसून
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राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र ने 27 अगस्त से राज्य में मौसम का मिजाज बदलने का पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर थमने के कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई थी और लोगों को उमस व गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। अब नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
27 अगस्त से इन संभागों में बारिश के आसार
मौसम केंद्र जयपुर के बुलेटिन के मुताबिक, 27 अगस्त को कोटा, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में वज्रपात और तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से राजस्थान में मानसूनी हवाएं एक बार फिर सक्रिय हो रही हैं। इसके असर से झालावाड़, बारां, कोटा, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और डूंगरपुर में कहीं-कहीं भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और उमस रहेगी
वहीं, पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। अगले दो दिनों के दौरान इन इलाकों में तेज धूप के साथ उमस बनी रह सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि, संभाग के पूर्वी सीमावर्ती इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
28 और 29 अगस्त को भी बारिश का दौर जारी रहेगा
मौसम विभाग ने बताया कि अगले चार से पांच दिनों तक पूर्वी राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, 28 और 29 अगस्त को भी राज्य के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रहने की संभावना है।
बारिश की संभावना को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने भी नदी-नालों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को बदलते मौसम और संभावित बारिश के दौरान जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।