मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तीन दिवसीय जोधपुर दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को सीएम गहलोत ने 73वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि मैं भी इंदिरा गांधी की तरह अखरी सांस तक आपकी और प्रदेश की सेवा करूंगा।
सीएम गहलोत के इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। लोग इसके मतलब निकालने लगे हैं। सियासी गलियारों में गहलोत का साधारण और सेवा भावी बयान भूचाल का काम कर रहा है। कोई गहलोत के बयान को प्रदेश नहीं छोड़ने का एलान बता रहा हैं तो कोई इसे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से जोड़ रहा है। सियासत में मुख्यमंत्री गहलोत का बयान एक बम की तरह फटा है। बहुत समय से चल रही बयानबाजी के चलते ये बयान बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है।
मुख्यमंत्री गहलोत के जोधपुर दौरे से ठीक पहले ही विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने मुख्यमंत्री गहलोत को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने गहलोत को मुख्यमंत्री पद छोड़ कर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की बात कही थी और एक बार फिर से प्रदेश में सुगबुगाहट शुरू हुई थी। जिसको मुख्यमंत्री गहलोत ने सहजता से ही निपटा दिया है। उन्होंने यह संदेश भी दे दिया कि उनका स्टैंड बड़ा साफ है कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ प्रदेश के लोगों की सेवा करना है और उन्हीं के बीच रहना है।