बड़ी बहन की आत्महत्या के बाद छोटी ने भी खाया जहर
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जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस की कथित लापरवाही और सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से दो बहनों की मौत का मामला अब तूल पकड़ गया है। बड़ी बहन के साथ वर्षों तक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के बाद उसने बीती 20 मार्च को आत्महत्या कर ली थी, वहीं छोटी बहन ने भी न्याय नहीं मिलने से परेशान होकर 15 मई को पानी की टंकी पर चढ़कर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मृतका ने 11 अप्रैल को थाने में आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और धमकी देने का मामला दर्ज कराया था। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद 33 दिन तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वह लगातार मानसिक तनाव में थी। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन को लिखित चेतावनी भी दी थी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगी लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।
शिकायत के अनुसार मृतका की बड़ी बहन को ई-मित्र संचालक महिपाल ने प्रेमजाल में फंसाकर उसके आपत्तिजनक वीडियो बना लिए थे। इसके बाद महिपाल और उसके साथियों शिवराज, गोपाल, वीजाराम, दिनेश, मनोज और पुखराज ने करीब चार साल तक उसका शोषण किया और ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठते रहे। इस प्रताड़ना से तंग आकर बड़ी बहन ने 20 मार्च को आत्महत्या कर ली थी।
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छोटी बहन ने आरोप लगाया था कि बहन की मौत के बाद आरोपी उसे भी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर होटल और खेतों में ले जाकर दुष्कर्म करते रहे। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे थे और कहते थे कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।
मामले को लेकर अब राजपूत समाज में भारी आक्रोश है। एमडीएम अस्पताल के बाहर समाज के लोगों ने धरना शुरू कर दिया है। मारवाड़ राजपूत समाज के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूरे मामले में आरोपियों को बचाने का काम किया, जिसके कारण दोनों बहनों की जान चली गई। समाज ने दोषी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।