कानून सिर्फ सजा ही नहीं देता, बल्कि सुधार का रास्ता भी दिखाता है- ऐसा ही एक अनोखा फैसला राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनाया है। एटीएम चोरी के आरोप में जेल में बंद दो आरोपियों को कोर्ट से जमानत तो मिली लेकिन एक खास शर्त के साथ कि उन्हें 30 दिनों तक रोजाना 5 पेड़ लगाने होंगे और उनकी देखभाल भी करनी होगी।
न्यायमूर्ति चंद्रप्रकाश श्रीमाली ने 27 मार्च को यह आदेश सुनाया। आरोपी वारिस उर्फ लहकी और उस्मान उर्फ अंधा जनवरी से जेल में बंद थे और उन पर गैस कटर से एसबीआई एटीएम काटकर चोरी करने का आरोप है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत केवल दंड देना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि अपराधियों को सुधारकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत अदालत ने कम्युनिटी सर्विस को जमानत की शर्त बनाया।
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अदालत के आदेश के मुताबिक दोनों आरोपी एक सप्ताह के भीतर पौधारोपण शुरू करेंगे और रोज कम से कम 5 पौधे लगाएंगे। इसके लिए वन विभाग उन्हें मुफ्त में पौधे उपलब्ध कराएगा और फोटो-वीडियो के जरिए इसकी निगरानी भी करेगा।
इतना ही नहीं अदालत ने राज्य सरकार को भी निर्देश दिया है कि अपराध के कारणों की पहचान कर एक ठोस पुनर्वास योजना तैयार की जाए और पूरे प्रदेश में कम्युनिटी सर्विस लागू करने के लिए स्पष्ट गाइड लाइन बनाई जाए। अदालत के इस फैसले ने यह संदेश दिया है कि कानून का उद्देश्य सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि सुधार के जरिए समाज को बेहतर बनाना भी है।