राजस्थान के जोधपुर शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बुधवार को टुकड़ों में मिले एक युवक और उसकी हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जोधपुर के बनाड़ थाना इलाके में स्थित नगर निगम के ट्रीटमेंट प्लांट के पास सीवरेज लाइन में मानव शरीर के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया था। लोगों की सूचना के बाद बनाड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने सीवरेज से एक कट्टे में से मानव शरीर के अलग-अलग टुकड़े किए हुए अंग बरामद कर कब्जे में लेकर जांच कर रही थी।
मामले की गंभीरता और शिघ्र खुलासा करने के लिए उच्च अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पूर्व भागचंद के नेतृत्व में एसीपी राजेंद्र दिवाकर, थानाधिकारी बनाड़ अशोक आंजना और लालाराम थानाधिकारी डांगियावास टीम गठित की गई। इस टीम ने सिवरेज प्लॉट में आने वाले नाले की बारीकी से जांच पड़ताल की और नाले के आसपास आधुनिक तकनीकी साधनों की सहायता से जानकारी एकत्र कर गुमशुदा लोगों के बारे में पूरे राजस्थान से जानकारी प्राप्त की गई।
मृतक के मामा के बेटे ने की शिनाख्त
मानव अंगों को जिस थैलियों में फेंका गया जिसमें एक थैली आनंदपुर कालु और एक थैली मेडतासिटी के दुकान की थी। जिस पर पाली जिले और नागौर जिले में गुमशुदा लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि 10 अगस्त 2020 को गुम हुए चरणसिंह उर्फ सुशील चौधरी की गुमशुदगी 11 अगस्त 2020 को मेड़ता सिटी थाने में दर्ज हुई थी। गुमशुदा के फोटो मंगवाए और चेहरे से मिलान किया तो समानता पाई गई। इस पर बुधवार को मृतक के मामा के बेटे राजेन्द्र मंगोलिया ने अपने भाई चरण सिंह उर्फ सुशील पुत्र नेमाराम जाति जाट निवासी खाखड़की पुलिस थाना मेडतासिटी की शिनाख्त की।