राजस्थान में झुंझुनूं जिले के नंगली गुजरान का मामला है। जहां स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही देखने को मिली। सरकार द्वारा पोषाहार बनाने की अलग व्यवस्था है। लेकिन स्कूल प्रशासन अलग व्यवस्था होने के बावजूद जहां बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं, उसी क्लास रूम में गैस सिलेंडर पर काम करने की यह डराने वाली तस्वीर बड़े हादसे की ओर इशारा कर रही है। लेकिन स्कूल प्रशासन की इस लापरवाही से अगर कोई बड़ा हादसा होता है तो आखिर जिम्मेदार कौन होगा?
सरकार द्वारा बड़े-बड़े दावे शिक्षा को लेकर किए जा रहे हैं। लेकिन इस तरह की तस्वीर बड़े-बड़े दावों की पोल खुलती हुई दिख रही है। एक कमरे में गैस सिलिंडर फटने से शारीरिक और आर्थिक नुकसान हो सकता है। गैस सिलिंडर फटने से कमरा गिरने या अत्यधिक फूट की घटनाएं भी हो सकती हैं।
गैस सिलिंडर फटने से शारीरिक क्षति के साथ-साथ भावनात्मक और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल लाखों रुपये तनख्वाह लेने वाले ये शिक्षक जिन्हें खुद नहीं पता कि इस गैस सिलिंडर से क्या हादसा हो सकता है और इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। ऐसे में इन शिक्षकों की भूमिका पर भी बड़ा सवाल खड़ा होता है कि बच्चों को क्या शिक्षा देंगे ये शिक्षक। इस पूरे मामले में झुंझुनूं शिक्षा अधिकारी से बयान लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
झुंझुनूं से मो. जावेद की रिपोर्ट...