जिले की चिड़ावा पंचायत समिति परिसर में सोमवार को साधारण सभा की बैठक में हिस्सा लेने आए झुंझुनू विधायक राजेंद्र भांबू के सामने पंचायत समिति सदस्यों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। कुछ सरपंचों और समिति सदस्यों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करवाया।
बैठक में वार्ड 17 से पंचायत समिति सदस्य शीलादेवी अपने पति राजेश डारा और वार्ड 16 से समिति सदस्य उम्मेद धनखड़ के साथ इस्तीफा देने के लिए पहुंचीं। बैठक शुरू होने से पहले जैसे ही विधायक राजेंद्र भांबू प्रधान के चैंबर से बाहर निकले तो पंचायत समिति सदस्य के पति राजेश डारा ने अपनी पत्नी शीला की पार्टी स्तर पर अनदेखी और विकास कार्य नहीं करवाने की बात कहते हुए पद से इस्तीफा देने की बात कही।
बताया जा रहा है कि पंचायत समिति सदस्य पति डारा ने विधायक को तबादलों की डिजायर नहीं दिए जाने का उलाहना देते हुए उलझने का प्रयास किया, जिस पर हंगामा होने लगा। देखते-देखते दोनों तरफ से लात-घूंसे चलने लगे। कुछ लोगों ने पंचायत समिति सदस्य शीला के पति राजेश डारा को थप्पड़-मुक्के मार दिए।
भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य विश्वंभर पूनियां, पंचायत समिति सदस्य अनिल रणवां, सरपंच अमरसिंह नूनियां, अनिल कटेवा ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करवाने के प्रयास किए। इस बीच पंचायत समिति सदस्य डारा और धनखड़ भी मीटिंग में कागज पर लिखा इस्तीफा लेकर पहुंच गए।
पंचायत समिति में इस्तीफे का मामला तो घंटों तक चलता रहा। मगर मीटिंग से पहले करीब दो मिनट तक जमकर बहस और हाथापाई हुई। बाहर चल रही मारपीट को देखकर विधायक भांबू वापस प्रधान के चैंबर में चले गए। बाद में थाने से सीआई आशाराम गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता भी पहुंचा, हालांकि पुलिस ने किसी को हिरासत में नहीं लिया है।
पंचायत समिति चिड़ावा के प्रधान रोहिताश ने मामले को लेकर कहा कि पंचायत समिति में किसी मैंबर के साथ हाथापाई नहीं हुई। पंचायत समिति सदस्य के पति बैठक में आ गए थे, जो कि नियमानुसार बैठक में हिस्सा नहीं ले सकते और किसी कार्यकर्ता से उलझ रहे थे, जिसे समझाइश कर शांत किया गया। बाद में दोनों की समस्या भी जानी गई। गौरतलब है कि पंचायत समिति में हुई इस जूतम-पैजार का वीडियो भी वायरल हो चुका है।
पंचायत समिति में चले लात-घूंसे