जिले के सिंघाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक चलती वैन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी वैन धू-धू कर जलने लगी। चालक की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से वैन में सवार 8 से 10 छोटे बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यदि कुछ मिनट की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जानकारी के अनुसार एक निजी प्ले स्कूल की वैन कॉपर क्षेत्र से बच्चों को लेकर सिंघाना की ओर आ रही थी। जैसे ही वैन कंचनिया की ढाणी के पास पहुंची, चालक कैलाश चंद को गियर के पास से धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत वैन रोककर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। बच्चों के उतरते ही आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी वैन उसकी चपेट में आ गई। देखते ही देखते वाहन आग का गोला बन गया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि सफलता नहीं मिल सकी।
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घटना की सूचना मिलते ही खेतड़ी और एचसीएल की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वैन पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। फायरमैन महेश चंद ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई और आग को नियंत्रित कर लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ।
घटना के बाद सिंघाना नगरपालिका में दमकल वाहन नहीं होने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया। स्थानीय ग्रामीण रामावतार सैनी सहित कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिंघाना जैसे बड़े कस्बे में स्थायी दमकल व्यवस्था का अभाव गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि यदि आग किसी आबादी वाले क्षेत्र में फैलती या बच्चों को समय पर बाहर नहीं निकाला जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।