जिले के चिड़ावा क्षेत्र के निकटवर्ती गांव ओजटू निवासी एवं भारतीय सेना के नायब सूबेदार विजयपाल डांगी को शनिवार शाम सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन की खबर से पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार के दौरान सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। वहीं बेटे द्वारा पिता को सेल्यूट कर दी गई अंतिम विदाई ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
जानकारी के अनुसार विजयपाल डांगी पुत्र धर्मपाल डांगी भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में शिमला में तैनात थे। वे करीब एक माह की छुट्टी पर कुछ दिन पहले ही अपने पैतृक गांव ओजटू आए थे।
शुक्रवार रात उन्होंने परिवार के साथ सामान्य रूप से भोजन किया और विश्राम के लिए अपने कमरे में चले गए। शनिवार सुबह जब वे रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए नहीं उठे तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के लोगों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्हें तत्काल चिड़ावा उप जिला अस्पताल ले जाया गया, वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार और गांव में शोक की लहर फैल गई।
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शनिवार शाम उनके पार्थिव शरीर का गांव ओजटू में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और राष्ट्रध्वज में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी दी। सैन्य अधिकारियों द्वारा तिरंगा उनके पुत्र को सौंपे जाने के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। बेटे द्वारा अपने पिता को सेल्यूट कर अंतिम विदाई देने का दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे। नायब सूबेदार विजयपाल डांगी अपने पीछे पत्नी तथा दो पुत्र छोड़ गए हैं।
अंतिम संस्कार में चिड़ावा थानाधिकारी राजेंद्र मीणा, एसआई कैलाश चंद्र, कांस्टेबल अंकित राव, रामकिशन, भाजपा नेता राजेश दहिया, युवा नेता आशीष डांगी, पूर्व सरपंच शीशराम डांगी, प्रशासक विनोद डांगी, पूर्व उप प्रधान उमराव डांगी, रिटायर्ड नेवी एक्समैन सुभाष चंद्र डांगी, महेंद्र डांगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।