रेनू तनवर का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
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भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर तैनात डॉ. रेनू तंवर का दिल्ली में निधन हो गया। उनका गुरुवार को पैतृक गांव गादली में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने मनोहरपुरा से गादली गांव तक डीजे के साथ तिरंगा यात्रा निकाली। भारत माता की जय के नारे लगाए गए।
रेनू के पिता गोवर्धन सिंह ने कहा कि वह अपनी बीमार मां कौशल्या को उपचार के लिए दिल्ली लेकर गई थी। मां को अस्पताल में छोड़कर सड़क पार कर दूसरी तरफ जा रही थी कि एक अनियंत्रित वाहन ने उसे टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रेनू को मृत घोषित कर दिया।
साल 2015 में हुई थी सेना में भर्ती
कैप्टन तंवर 2015 में सेना में भर्ती हुई थी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद एक जनवरी 2020 को असम में पहली ज्वाइनिंग हुई। वर्तमान में वह आगरा के कमांड हॉस्पिटल में कार्यरत थीं। अपनी मां की जांच कराने के लिए वह दिल्ली गई थी। कप्तान तंवर के एक बड़ी बहन एवं एक छोटा भाई है। पिता के अनुसार रेनू की शादी नहीं हुई थी।
कप्तान रेनू तंवर के पिता गोवर्धन सिंह भी सेना में रहे हैं। सेवानिवृति के बाद वह जयपुर में रहने लगे। गादली भी आना-जाना रहता है। बुहाना सीआई दयाराम ने कहा, रेनू तंवर की मौत को लेकर हमारे पास कोई अधिकृत सूचना नहीं आई थी। व्यवस्था के तहत एएसआई व हेड कांस्टेबल को भेजा गया था।
कैप्टन रेनू तंवर का राजकीय सामान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
कैप्टन रेनू तंवर