नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा पर बोला बड़ा हमला
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली आज झुंझुनू के दौरे पर आए। उन्होंने सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा सरकार के मंत्रियों पर बड़ा हमला बोला। झुंझुनू के प्रभारी मंत्री की अधिकारियों के साथ होने वाली समीक्षा बैठकों को नेता प्रतिपक्ष जूली ने असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले मीडिया में खबर छपती थी तो उस पर कार्रवाई होती थी, विधानसभा में आवाज उठती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। शिक्षा मंत्री पर दुनिया भर के मुकदमे चल रहे हैं, चाहे तो रिकॉर्ड उठाकर देख लो, उन्हें बदले जाने की जरूरत है।
उनका कहना था कि सरकार की कार्य समीक्षा बैठकों में भाजपा के जनप्रतिनिधियों को बुलाया जा सकता है लेकिन यहां तो भाजपा के कार्यकर्ताओं को बुला लेते हैं, कांग्रेस के विधायकों को भी बुलाना ठीक नहीं समझते। यहां तक कि से लोग मीडिया को भी इन बैठकों में शामिल नहीं होने देते क्योंकि यह घबराते हैं कि मीडिया के सामने उनकी सच्चाई उजागर न हो जाए।
वहीं उन्होंने कहा कि मैं अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि वह भाजपा के कहे से नहीं बल्कि नियमों के अनुसार काम करें। उन्होंने लगातार हो रहे मंत्रियों के दौरे पर कहा कि विधानसभा में बजट पेश होते ही इन्होंने मंत्रियों को जिलों में भेज दिया जबकि बजट पेश होना अलग बात है पास होना अलग बात है। यह बार-बार मंत्रियों को भेजकर सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। पहले मीडिया में कोई खबर छपती थी तो सरकार एक्शन लेती थी। विधानसभा में सवाल तक उठ जाते थे, सरकार एक्टिव मोड पर आ जाती थी, अधिकारियों के पैर कांपने लगते थे लेकिन अब इन्हें इससे कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने कहा कि झुंझुनू में एक भी काम बता दीजिए जो उनके द्वारा किए गए हैं, सब हमारी सरकार द्वारा शुरू किए गए काम ही चल रहे हैं। बस उनके पास एक ही बात है कि हम समीक्षा कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने शेखावाटी के नहर के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार को 9 महीने हो गए हैं लेकिन एक बूंद पानी भी अब तक नहीं मिला है। वहीं नए जिलों के सवाल पर उन्होंने कहा कि कमेटी के अध्यक्ष को बदल दिया है, इन लोगों को नहीं पता है कि क्या करना है, असमंजस की स्थिति बनी हुई है फिर चाहे वह मंत्री किरोड़ीलाल के इस्तीफे का मामला ही क्यों न हो, उस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
जूली से जब पूछा गया कि शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भी नहीं बदला गया है तो उनका कहना था कि शिक्षा मंत्री को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का तो पुराना रिकॉर्ड है, दुनिया भर के मुकदमे चलते रहते हैं, शिक्षा पर उन्होंने 9 महीने में एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव पर उनका कहना था कि सातों की सातों सीटें कांग्रेस पार्टी जीतेगी।