राजस्थान लोक सेवा आयोग की लेक्चरर और कोच भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन झुंझुनू से ऐसी लापरवाही सामने आई जिसने न सिर्फ परीक्षार्थियों को सकते में डाल दिया, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े कर दिए। सीतसर के टैगोर स्कूल परीक्षा केंद्र पर परीक्षा निर्धारित समय से करीब आधा घंटा पहले ही जबरन खत्म करवा दी गई, जिसके परिणामस्वरूप छात्रों में भगदड़ और आक्रोश फैल गया। अब प्रशासन में इस बात को लेकर हड़कंप मचा हुआ है और इस संबंध में कलेक्टर ने तीन शिक्षकों निलंबित कर दिया है।
परीक्षार्थियों के अनुसार जब घड़ी में 11 बज रहे थे तब ड्यूटी पर मौजूद शिक्षकों ने कहा- अब समय खत्म हो गया, ओएमआर शीट भर दो। जबकि परीक्षा में अभी 30 मिनट का समय बाकी था। सिंगनोर निवासी विजेंद्र खेदड़ बताते हैं कि पेपर तो जैसे रिवाइंड मोड में चला दिया गया। आधे सवाल भी नहीं निपटाए थे कि कहा जल्दी भरो, सिर्फ 10 मिनट बचे हैं। जब विरोध किया तो बोले- ऊपर से ऑर्डर आया है।
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इतना ही नहीं परीक्षा केंद्र पर न तो दीवार घड़ी लगी थी, न ही लाइट की व्यवस्था। कई कक्षाओं में अंधेरा था, जिससे छात्र पेपर तक ढंग से नहीं पढ़ पाए। एक परीक्षार्थी ने खुद जाकर बिजली विभाग को बोलकर बल्ब लगवाया। इस पर स्टाफ का रुख तो और भी खतरनाक था। जल्दी परीक्षा खत्म करने को लेकर जब छात्रों ने विरोध किया तो ड्यूटी स्टाफ का कहना था- क्या कर लोगे? दो-चार को सस्पेंड करवा दोगे? आरपीएससी खुद ही तुम पर कार्रवाई करेगी। यानी परीक्षार्थियों को लापरवाही के साथ-साथ धमकी का डोज भी फ्री में मिला।
जैसे ही मामला जिला कलेक्टर रामावतार मीणा तक पहुंचा, बिना देर किए तुरंत सस्पेंशन के आदेश जारी कर दिए गए। सस्पेंड किए गए शिक्षकों में अनिता जांगिड़, वरिष्ठ अध्यापक, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, मोहल्ला नायकान, झुंझुनू, दिनेश कुमार सैनी, प्रबोधक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, घोरणी जोहड़ी और मनीषा, व्याख्याता (प्रथम श्रेणी), राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, देवगांव शामिल हैं। इन पर राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 की धारा 13(1) के तहत कार्रवाई की गई है।
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मौके पर पहुंचे एसडीएम हवाई सिंह यादव को छात्रों ने बताया कि 11 बजे ही ओएमआर भरवा ली गई थी। उन्हें 30 मिनट ऐसे ही बैठाया गया। बाद में 10 मिनट का घंटा बजाकर कहा गया- जो बाकी है, कर लो। एसडीएम ने लिखित शिकायत को एडीएम अजय कुमार आर्य को सौंप दिया है। पूरे मामले की जांच करने के बाद कलेक्टर रामावतार मीणा ने अपने तबादले से पहले एक बड़ा एक्शन ले लिया।
गौरतलब है कि 23 जून से शुरू हुई यह परीक्षा 28 जून तक चलेगी। पहले ही दिन झुंझुनू के 61 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई, जिसमें सुबह की पारी में 15,310 परीक्षार्थी और दोपहर में 4,994 परीक्षार्थी शामिल थे लेकिन सीतसर के टैगोर स्कूल से जो तस्वीरें और तथ्य सामने आए हैं, वे राज्य सरकार की परीक्षा तैयारियों की पोल खोलते हैं।