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Jhunjhunu News: खिरोड़ में चार लोगों की ‘घर वापसी’, बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर दोबारा अपनाया हिंदू धर्म

Mon, 15 Jun 2026 08:36 AM IST
झुंझुनू ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झूंझुनू

सार

झुंझुनूं जिले के खिरोड़ गांव में चार लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर पुनः हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा की। बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान के बाद उन्होंने घर वापसी का संकल्प लिया। परिवार ने धार्मिक परंपराओं का पालन करने की बात कही। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। 
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चार लोगों ने अपनाया फिर से हिंदू धर्म
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विस्तार
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झुंझुनूं जिले के कई गांवों में चल रहे धर्मांतरण के मामलों का खुलासा होने के बाद खिरोड़ गांव के मोहल्ला रैगरान में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान चार लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर पुनः हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा की। गांव के कुएं वाले बालाजी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर इन लोगों ने हिंदू धर्म में वापसी का संकल्प लिया। इस घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।

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जानकारी के अनुसार मोहल्ला रैगरान निवासी संतरा देवी और द्रोपती देवी के परिवार से चार सदस्य बालाजी मंदिर पहुंचे, जहां धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के बाद उन्होंने हिंदू धर्म की परंपराओं को पुनः अपनाने की सार्वजनिक घोषणा की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ घर वापसी की प्रक्रिया संपन्न करवाई गई।

परिवार की सदस्य संतरा देवी ने बताया कि कुछ समय पहले उनके बच्चे की तबीयत खराब रहने के दौरान किसी की सलाह पर उन्होंने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था। हालांकि अब उन्होंने अपने परिवार के साथ पुनः हिंदू धर्म अपनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बालाजी मंदिर में संकल्प लेने के बाद वे आगे भी हिंदू धर्म की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक मूल्यों का पालन करेंगी तथा अपने समाज के साथ जुड़ी रहेंगी।
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धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की उपस्थिति रही। पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित लोगों ने परिवार को शुभकामनाएं दीं और उनके निर्णय का स्वागत किया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं पर भी चर्चा की गई।
ग्रामीणों के अनुसार मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना भी था। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने धार्मिक परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
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इस अवसर पर पूरणमल कुलदीप, मोहनलाल कुलदीप, हंसराज, सोनू राहुल कुलदीप, सरजीत, लालचंद, जगदीश प्रसाद और राकेश कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने परिवार के निर्णय का सम्मान करते हुए उन्हें नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। खिरोड़ में हुई इस ‘घर वापसी’ की घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और स्थानीय स्तर पर इसे धार्मिक आस्था तथा सामाजिक जुड़ाव से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

 

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