जिले के अकलेरा थाना क्षेत्र के मदनपुरिया चरेल गांव में 40 वर्षीय कालूलाल पुत्र मोतीलाल भील की हत्या के मामले में पुलिस ने परिवार की ही तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने खून का बदला खून से लिया है और उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपी महिलाएं कालीबाई पत्नी भैरूलाल, केदार बाई पुत्री घीसालाल और प्रेमबाई पुत्री घीसालाल निवासी मदनपुरिया चरेल ने धारदार हथियार से हमला कर कालूलाल की हत्या की और मौके से फरार हो गई थीं। थाना अकलेरा पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी कालीबाई ने दो अन्य महिलाओं की मदद से कुल्हाड़ी से वार किया। अन्य दोनों महिलाओं ने मृतक को पकड़ रखा था, जबकि कालीबाई ने उस पर हमला किया।
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जांच में सामने आया कि कालीबाई के पति घीसालाल भील की हत्या कालूलाल ने करीब चार-पांच वर्ष पहले कर दी थी। उस मामले में कालूलाल को सजा हुई थी लेकिन बाद में वह अपील के दौरान जमानत पर बाहर आ गया था। बताया जा रहा है कि वह कोटा में रह रहा था और किसी काम से गांव आया था, तभी आरोपियों ने मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया।
सीआई धर्माराम चौधरी ने बताया कि मृतक कालूलाल की पत्नी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके परिवार और घीसालाल के परिवार के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। लगभग चार-पांच वर्ष पहले कालूलाल ने घीसालाल के पुत्र भैरूलाल की हत्या कर दी थी, जिसके बाद वह जेल गया था। करीब एक वर्ष पहले वह जमानत पर रिहा हुआ था और कोटा में मजदूरी कर रहा था।
गिरफ्तार महिलाओं ने पूछताछ में हत्या का बदला लेने की बात स्वीकार की है। पुलिस घटना में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जारी है।