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झालावाड़: प्रेम-प्रसंग की रंजिश में कुल्हाड़ी से हत्या, एससी/एसटी कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

Mon, 07 Sep 2026 09:35 PM IST
झालावाड़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़

सार

हत्या के एक मामले में एससी/एसटी कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जांच में सामने आया कि प्रेम प्रसंग और अवैध संबंधों को लेकर हुई रंजिश के चलते आरोपी ने रामबाबू पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला किया था।
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एससी/एसटी न्यायालय झालावाड़ की विशिष्ट न्यायाधीश सुनीता मीणा ने हत्या के एक मामले में आरोपी मोहनलाल पुत्र बापूलाल बैरागी, निवासी राजपुरा थाना बकानी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। एससी/एसटी कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक महेश कुमार पाटीदार ने बताया कि 9 अप्रैल 2025 को दिन्याखेड़ी निवासी लोकश कुमार पुत्र रामबाबू मीणा ने बकानी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 8 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे उसके पिता रामबाबू बाइक से घर से निकले थे। शाम करीब 7:21 बजे राजपुरा निवासी भेरू मेम्बर ने फोन करके बताया कि रामबाबू घायल अवस्था में छीतरलाल लोधा के बाड़े के सामने रास्ते में पड़े हैं।
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सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे तो रामबाबू के सिर में धारदार हथियार से गंभीर चोट थी। पीठ और पैर में भी गहरी चोटें आई थीं। वे अचेत अवस्था में थे और काफी खून बह रहा था। परिजन उन्हें झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रेम प्रसंग और अवैध संबंधों को लेकर हुई रंजिश के चलते मोहनलाल ने रामबाबू पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या की थी। मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया गया। अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया।

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विशिष्ट लोक अभियोजक एडवोकेट महेश कुमार पाटीदार ने राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी करते हुए कोर्ट में 23 गवाह और 44 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर विशिष्ट न्यायालय ने मोहनलाल को हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास तथा एक लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया।
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