सार
Jhalawar: झालावाड़ के भवानीमंडी में नारकोटिक्स इंस्पेक्टर हितेश रोहिला और दलाल अकरम हुसैन पर आम लोगों को एनडीपीएस एक्ट का डर दिखाकर अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। आरोपी थाने के ड्राइवर दिनेश गुर्जर का नाम इस्तेमाल कर लोगों को धमकाते और पीड़ितों को कई दिनों तक अवैध हिरासत में रखते थे। एसीबी कोटा की ट्रैप कार्रवाई में यह मामला उजागर हुआ है।
झालावाड़। आरोपियों के खिलाफ कार्यवाई जारी (फाइल फोटो)भवानीमंडी थाना
झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में एनडीपीएस एक्ट के मामलों में लोगों को फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली करने के गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। 9 नवंबर 2025 को एसीबी कोटा की ओर से नारकोटिक्स ब्यूरो भवानीमंडी में दलाल अकरम हुसैन के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की गई।
पुलिस ने दर्ज किया केस
इस दौरान यह सामने आया कि आरोपी भवानीमंडी थाने के ड्राइवर का नाम अपने आप में इस्तेमाल करके लोगों को धमकाता था और लोगों को परेशान करता था। भवानीमंडी पुलिस को इस मामले की जानकारी मिलने पर जांच शुरू की गई। जांच में पुष्टि होने के बाद प्रकरण दर्ज किया गया।
नारकोटिक्स इंस्पेक्टर सहयोगियों के साथ करता था अवैध वसूली
भवानीमंडी के डिप्टी एसपी प्रेम कुमार चौधरी द्वारा की गई जांच में यह साबित हुआ कि नारकोटिक्स इंस्पेक्टर हितेश रोहिला, दलाल अकरम हुसैन और उनके अन्य सहयोगी मिलकर आम लोगों को एनडीपीएस एक्ट में फंसाने का डर दिखाकर उनसे और उनके परिजनों से अवैध वसूली करते थे।
पीड़ितों को कई दिनों तक अवैध हिरासत में रखा जाता था
जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ितों को कई दिनों तक अवैध हिरासत में रखा जाता था और उनसे भवानीमंडी पुलिस थाने के ड्राइवर दिनेश गुर्जर का नाम लेकर धोखाधड़ी से पैसे वसूले जाते थे। आरोपी पीड़ितों को थाने आने का दबाव भी डालते थे।
10 जनवरी को दर्ज कराया गया केस
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद डिप्टी एसपी प्रेम कुमार चौधरी ने थाना भवानीमंडी में मामला दर्ज कराया है। यह मामला 10 जनवरी को पंजीकृत किया गया है। फिलहाल प्रकरण की जांच थाना प्रभारी प्रमोद कुमार कर रहे हैं।
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मामले और भी खुलासे संभव
मौके पर यह भी सामने आया कि एसीबी की कार्रवाई में पकड़े जाने के बाद यह तथ्य उजागर हुआ कि आरोपी दलाल खुद को फर्जी तौर पर ड्राइवर दिनेश गुर्जर बताकर लोगों से पैसे वसूलता था और उनके परिजनों पर भी दबाव डालता था। एसीपी की ओर से की गई ट्रैप कार्रवाई आरोपीयों के खिलाफ लंबित है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।