पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के साथ ही झालावाड़ जिले में ग्रामीण सियासत गरमा गई है। जिले की आठ पंचायत समितियों की 270 ग्राम पंचायतों में सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और संभावित दावेदारों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव दो चरणों में होंगे और जिले में कुल 3,370 निर्वाचित पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।
किस-किस पद के लिए होगा चुनाव
चुनाव में 270 सरपंच, 2,880 वार्ड पंच, 178 पंचायत समिति सदस्य, 8 प्रधान, 33 जिला परिषद सदस्य और एक जिला प्रमुख का निर्वाचन होगा। ऐसे में ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक बड़ी संख्या में राजनीतिक और गैर-राजनीतिक दावेदार चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। टिकट और समर्थन को लेकर राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं के बीच भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
पहले चरण में चार पंचायत समितियों में चुनाव
पहले चरण में भवानीमंडी, डग, अकलेरा और मनोहरथाना पंचायत समितियों में चुनाव होंगे। इन क्षेत्रों में 128 ग्राम पंचायतें और 465 मतदान केंद्र हैं। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के लिए 25 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।
नामांकन से मतदान तक यह रहेगा कार्यक्रम
जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होगी। नामांकन 13 अक्टूबर को, समीक्षा 14 अक्टूबर को और नाम वापसी 15 अक्टूबर को होगी। इसके बाद प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी मुकाबलों की तस्वीर सामने आने लगेगी। सरपंच और पंच पदों के लिए नामांकन 24 अक्टूबर को होंगे और 25 अक्टूबर को मतदान के बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना की जाएगी। उपसरपंच का चुनाव 26 अक्टूबर को होगा।
दूसरे चरण में इन क्षेत्रों में मुकाबला
दूसरे चरण में झालरापाटन, पिड़ावा (सुनेल), बकानी और खानपुर पंचायत समितियों में चुनाव होंगे। इन चार पंचायत समितियों में 142 ग्राम पंचायतें और 509 मतदान केंद्र हैं। इस चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 29 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए 31 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। सरपंच-पंच चुनाव की मतगणना मतदान समाप्ति के बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होगी तथा उपसरपंच का चुनाव 1 नवंबर को होगा।
9.36 लाख मतदाता तय करेंगे गांवों की सरकार
जिले में कुल 9,36,212 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 4,77,656 पुरुष, 4,58,548 महिला और 8 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। यही मतदाता गांव से लेकर जिला परिषद तक जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नतीजों के बाद जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर को जिला मुख्यालय पर होगी। इसके बाद जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर, उप जिला प्रमुख का 26 नवंबर, प्रधान का 27 नवंबर और उप प्रधान का चुनाव 28 नवंबर को होगा।
इन चुनावों के परिणामों के बाद जिला प्रमुख और पंचायत समितियों में प्रधान पद को लेकर राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण होंगे। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव परिणामों के साथ ही स्थानीय स्तर पर बहुमत जुटाने और समर्थक सदस्यों को साथ लाने की राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी।
आचार संहिता लागू, नए कामों पर रोक
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके तहत नई निविदाएं, नई योजनाएं, नए विकास कार्य और नए कार्यादेश प्रतिबंधित रहेंगे। हालांकि आचार संहिता लागू होने से पहले जारी कार्यादेश अथवा पहले से चल रहे विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।