प्रदर्शन करते थर्मल प्लांट के कर्मचारी
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झालावाड़ के कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासों में हुई चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा 15 दिन बीतने के बाद भी नहीं हो सका है। लगातार कोई प्रगति न होने से थर्मल कर्मियों में रोष और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।
लाखों की चोरी, आरोपी अब तक फरार
थर्मल कर्मियों के अनुसार 29 नवंबर की रात थर्मल कॉलोनी के 13 अलग-अलग क्वार्टरों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। चोर लाखों रुपये का सामान लेकर फरार हो गए, लेकिन घटना के बाद से अब तक पुलिस को न तो आरोपियों का कोई सुराग मिला है और न ही चोरी हुए सामान की बरामदगी हो पाई है।
मिनी सचिवालय पहुंचकर जताई नाराजगी
घटना के खुलासे में देरी से नाराज थर्मल कर्मी सोमवार को मिनी सचिवालय झालावाड़ पहुंचे। यहां उन्होंने जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया और जल्द कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि लगातार चोरी की घटनाओं के बाद कॉलोनी में भय का माहौल बना हुआ है।
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पहले भी दी गई थी सूचना, आश्वासन तक सीमित कार्रवाई
कर्मियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद वे झालावाड़ आकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे चुके थे। उस समय उन्हें जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 15 दिन से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे आश्वासन केवल औपचारिकता तक सीमित नजर आ रहा है।
सुरक्षा को लेकर गहराई चिंता
थर्मल कर्मियों का कहना है कि लगातार अनसुलझी चोरी की घटनाओं के कारण वे स्वयं और अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर चोरी गया सामान बरामद किया जाए, ताकि कॉलोनी में सुरक्षा का भरोसा बहाल हो सके।