झालावाड़ वन विभाग की ओर से गैर-वानिकी एवं अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर-नंदपुर क्षेत्र में संचालित 12 अवैध आरा मशीनों को ध्वस्त कर उनकी सामग्री जब्त कर ली गई। उपवन संरक्षक (डीसीएफ) झालावाड़ के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मच गया।
संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई, भारी पुलिस बल रहा तैनात
वन विभाग, पुलिस एवं विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए, लेकिन प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते अभियान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
जेसीबी से ढहाई गईं 12 अवैध आरा मशीनें
वन विभाग की टीम ने जेसीबी मशीनों की सहायता से सभी 12 अवैध आरा मशीनों को मौके पर ही पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। वहीं विद्युत विभाग ने तत्काल प्रभाव से इन इकाइयों के बिजली कनेक्शन काट दिए। इसके अलावा परिसर में रखी अवैध लकड़ियों एवं मशीनी उपकरणों को भी जब्त कर लिया गया।
कई रेंजों की टीमों की भागीदारी, अधिकारी रहे सक्रिय
इस व्यापक अभियान में वन विभाग की पिड़ावा, डग, झालावाड़, असनावर और बकानी रेंजों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शामिल किया गया। कार्रवाई में क्षेत्रीय वन अधिकारी विजय सिंह, नरेंद्र चौधरी एवं विक्रम सिंह जालंधर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
10 दिनों में 30–35 वाहन जब्त, अभियान लगातार जारी
उल्लेखनीय है कि झालावाड़ वन विभाग पिछले कुछ समय से अवैध वानिकी गतिविधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। विभाग ने पिछले 10 दिनों में ही करीब 30 से 35 अवैध वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उसी अभियान की कड़ी मानी जा रही है।
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'माफियाओं का मनोबल तोड़ा जाएगा'
उपवन संरक्षक सागर पंवार ने कहा कि विभाग का उद्देश्य वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली तथा अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों का मनोबल तोड़ना है। उन्होंने कहा कि झालावाड़ वन क्षेत्र में गैर-वानिकी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त और त्वरित कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।