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आवारा कुत्तों का आतंक: झालावाड़ में टेंट में सोती दो साल की बच्ची को उठाकर ले गया झुंड; नोंच-नोंचकर मार डाला

Fri, 08 May 2026 11:15 AM IST
झालावाड़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़

सार

झालावाड़ में अस्थायी टेंट के बाहर सो रही दो साल बच्ची को कुत्तों का झुंड उठाकर ले गया। उसे नोंच-नोंच कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। कुत्तों से बचाकर बच्ची को अस्पताल ले जाया गया।  डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। 
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आवारा कुत्तों के हमले में मासूम की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। झालावाड़ में शुक्रवार सुबह बालाजी की छतरी के पास एक दर्दनाक हादसे में दो वर्षीय मासूम बच्ची की आवारा कुत्तों के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

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जानकारी के अनुसार मृतक बच्ची की पहचान गौरी के रूप में हुई है। वह अपने पिता राजूलाल के साथ भाटिया वर्कशॉप के पास लगाए गए अस्थायी टेंट के बाहर सो रही थी। सुबह करीब 6 बजे 7 से 8 आवारा कुत्तों का झुंड वहां पहुंचा और बच्ची को उठाकर करीब 50 मीटर दूर ले गया। पिता ने बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

मृतका के पिता राजूलाल ने बताया कि जैसे ही उन्होंने कुत्तों को बच्ची को उठाकर ले जाते देखा वे तुरंत उनके पीछे दौड़े लेकिन मौके पर पहुंचने तक कुत्ते बच्ची को बुरी तरह घायल कर चुके थे। किसी तरह कुत्तों को भगाकर बच्ची को छुड़ाया और तत्काल एसआरजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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लंबे समय से है आवारा कुत्तों का आतंक
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक आवारा कुत्ते झुंड बनाकर घूमते रहते हैं। कई बार ये राहगीरों और बच्चों पर हमला करने की कोशिश कर चुके हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद और प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

काम की तलाश में आया था परिवार
राजूलाल मूल रूप से बारां जिले के भंवरगढ़ क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि झालावाड़ उनकी ससुराल है और करीब डेढ़ महीने पहले वे काम की तलाश में यहां आए थे। परिवार भाटिया वर्कशॉप के पास टेंट लगाकर रह रहा था। राजूलाल शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में ढोल बजाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

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5 दिन पहले ही हुआ है एक बेटी का जन्म
परिजनों के अनुसार गौरी की मां मनीषा ने पांच दिन पहले ही झालावाड़ अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया है। नवजात की हालत गंभीर होने के कारण उसे आईसीयू में रखा गया है, वहीं बड़े ऑपरेशन के चलते मां की तबीयत भी ठीक नहीं बताई जा रही है।


 

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