झालावाड़ जिले में नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार कर 14 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद किया है। आरोपी युवक अवैध रूप से भारत में रह रहा था और नाबालिग को लेकर बांग्लादेश भागने की तैयारी में था। पुलिस ने आरोपी को प्रयागराज रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि झालरापाटन निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 14 वर्षीय पुत्री के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। परिवादी ने आरोप लगाया कि आदित्य विश्वास नामक युवक उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
कई राज्यों में की गई तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सुनेल, रटलाई, भवानीमंडी, सोयत, उज्जैन और इंदौर सहित कई स्थानों पर तलाश अभियान चलाया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नाबालिग को ट्रेन के जरिए कोलकाता की ओर लेकर जा रहा है।
इसके बाद थानाधिकारी अल्का विश्नोई के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया और बालिका की शीघ्र बरामदगी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। पुलिस टीमों ने तकनीकी सहायता और लगातार निगरानी के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की।
प्रयागराज रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी
जांच में सामने आया कि आरोपी इंदौर से ट्रेन में सवार हुआ था। इसके बाद पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को आरोपी और बालिका की जानकारी तथा फोटो उपलब्ध कराए। लगातार पीछा करते हुए पुलिस टीम प्रयागराज पहुंची, जहां 5 मई को प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया और नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया।
पूछताछ में सामने आई असली पहचान
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले अपना नाम आदित्य पौदार निवासी सलोतिया थाना सुनेल, जिला झालावाड़ बताया। हालांकि पुलिस को उसके बयान पर संदेह हुआ। गहन पूछताछ में आरोपी की वास्तविक पहचान सामने आई।
पुलिस के अनुसार आरोपी का असली नाम स्वपनो विश्वास पुत्र बादल विश्वास निवासी जिला खुलना, बांग्लादेश है। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2024 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से भारत में रह रहा था।
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फर्जी दस्तावेज बनवाने की भी जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए सलोतिया का पता दर्ज करवाकर आधार कार्ड अपडेट कराया और निर्वाचन पहचान पत्र भी बनवा लिया। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उसे स्थानीय स्तर पर किसकी मदद मिली।
अनुसंधान में पता चला कि झालावाड़ में रहने के दौरान आरोपी की नाबालिग लड़की से पहचान हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी और कई बार मुलाकात भी हुई। आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की योजना बनाई थी और उसे कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश ले जाने की तैयारी कर रहा था।
मामले की जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। साथ ही अवैध दस्तावेज तैयार कराने और संभावित सहयोगियों की भूमिका सहित अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।