जम्मू कश्मीर के राजोरी में आतंकियों से मुठभेड़ में भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए। इसमें एक जवान राजेंद्र प्रसाद राजस्थान के झुंझुनूं रहने वाले थे। दरअसल, गुरुवार सुबह राजोरी के दारहाल इलाके के परगल में सेना के कैंप फेंस में आतंकियों ने घुसने की कोशिश की। संदिग्धों को देखकर जवानों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद आतंकियों ने भी गोलीबारी शुरू कर दी।
दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में दो आतंकी मारे गए हैं, जबकि सेना के तीन जवान भी शहीद हो गए हैं। इनमें से एक सूबेदार राजेंद्र प्रसाद (48) झुंझुनूं जिले के मालीगांव के रहने वाले थे। इसके अलावा तमिलनाडु के मदुरै जिले के थुमाकुंडू के राइफलमैन लक्ष्मणन डी और हरियाणा के फरीदाबाद जिले के चांदपुर गांव के राइफलमैन मनोज कुमार भी शहीद हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार राजेंद्र प्रसाद 23 फरवरी 1995 को सेना में भर्ती हुए थे। वह वर्तमान में सूबेदार के पद पर तैनात थे। 16 जुलाई को ही राजेंद्र छुट्टी पूरी होने के बाद अपनी पोस्टिंग पर गए थे। नवंबर में उनकी बेटी की शादी है, जिसमें शामिल होने के लिए वह आने वाले थे, लेकिन बेटी के कन्यादान से पहले ही पिता राजेंद्र प्रसाद के शहीद होने की खबर आ गई।
शहीद जवान राजेंद्र प्रसाद तीन बच्चों के पिता थे। उनके दो बेटियां और एक बेटा है। उनकी पत्नी तारामणी अपनी दो बेटियों प्रिया, साक्षी और बेटे अंशुल के साथ गांव में ही रहती हैं। बताया जा रहा है कि शहीद जवान की पार्थिव देह शुक्रवार शाम तक झुंझुनूं आ सकती है। राजेंद्र के शहीद होने की सूचना आने के बाद उनके घर में ही नहीं पूरे मालीगांव में गम का महौल है।