जालोर नगर परिषद के आगामी चुनाव में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने जा रही है। आरक्षण के तहत इस बार 13 महिलाएं पार्षद बनेंगी, जिनमें सामान्य महिला की 7, ओबीसी महिला की 3, एससी महिला की 2 और एसटी महिला की एक सीट शामिल है। सामान्य महिला की सीटें बढ़ने से सभापति पद पर भी महिला दावेदारी की संभावना बनी है। हालांकि बड़ा सवाल यह रहेगा कि महिला पार्षद अपने फैसले खुद लेंगी या उनके पति, पिता और परिवार के अन्य सदस्य राजनीतिक भूमिका निभाएंगे।
आरक्षण की तस्वीर साफ, महिला दावेदारों की बढ़ी सक्रियता
जालोर नगर परिषद के आगामी चुनाव में आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद महिला दावेदारों की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने लगी है। इस बार परिषद में महिलाओं के लिए कुल 13 सीटें आरक्षित की गई हैं। इनमें सामान्य महिला की 7, ओबीसी महिला की 3, एससी महिला की 2 और एसटी महिला की एक सीट शामिल है। पिछले बोर्ड में 12 महिला पार्षद थीं। इस लिहाज से इस बार महिलाओं की संख्या एक बढ़ जाएगी।
7 सामान्य महिला सीटों से सभापति पद की उम्मीद
सामान्य महिला की 7 सीटें होने से इस बार सभापति पद पर भी महिला दावेदारी की संभावना बन गई है। ऐसे में चुनाव परिणाम के बाद यह देखना अहम होगा कि महिला पार्षद वार्ड से जुड़े निर्णय और राजनीतिक गतिविधियां खुद संभालती हैं या फिर पहले की तरह उनके परिवार के सदस्य सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
जालोर में सिर्फ दो बार महिलाओं के हाथ रही अध्यक्ष की कमान
जालोर निकाय के इतिहास में अब तक केवल दो बार महिलाओं को अध्यक्ष या सभापति बनने का मौका मिला है। वर्ष 1999 से 2004 तक मीरा बालू अग्रवाल नगर पालिका अध्यक्ष रहीं। उस समय सामान्य महिला सीट आरक्षित थी। उनके कार्यकाल में पति बालू अग्रवाल की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका रही।
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इसके बाद वर्ष 2009 से 2014 तक इंदू परिहार अध्यक्ष रहीं। वर्ष 2012 में नगर पालिका के नगर परिषद बनने के बाद वे सभापति कहलाने लगीं। शुरुआती दौर में उनके पिता ने कामकाज संभाला, लेकिन बाद में इंदू परिहार ने स्वयं जिम्मेदारी संभालनी शुरू की।
पिछले बोर्ड में 12 महिलाएं, सिर्फ दो ने खुद संभाला काम
पिछले बोर्ड में 12 महिला पार्षद थीं। परिषद की बैठकों में उनकी मौजूदगी रहती थी, लेकिन वार्ड के कामकाज और राजनीतिक गतिविधियों में परिजनों की भूमिका अधिक दिखाई देती थी। जानकारी के अनुसार केवल दो महिला पार्षद ऐसी थीं, जिन्होंने अपना काम खुद संभाला।
इन वार्डों में बदला महिला आरक्षण का समीकरण
इस बार वार्ड 38, 9, 35 और 32 में सामान्य महिला सीट आरक्षित हुई है। वार्ड 11 में पहले की तरह सामान्य महिला आरक्षण कायम है। वार्ड 1 और 5 में ओबीसी महिला से सामान्य महिला सीट हुई है। वहीं वार्ड 22 में सामान्य महिला से ओबीसी महिला आरक्षण बदला है। वार्ड 26 में एससी से ओबीसी महिला और वार्ड 36 में सामान्य से ओबीसी महिला सीट हुई है। एससी महिला के लिए वार्ड 2 और 24 आरक्षित हैं, जबकि वार्ड 28 में इस बार एसटी महिला सीट है। आरक्षण बदलने वाले वार्डों में नए चेहरों के सामने आने की संभावना है।