राधेश्याम पैमाणी को श्रद्धांजलि देते हुए मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
जिले के धोलिया गांव में मंगलवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले वन्यजीव प्रेमी राधेश्याम पैमाणी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दुखद अवसर पर उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट की और संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राधेश्याम जैसे समर्पित पर्यावरणरक्षक देश की शान हैं। उन्होंने अपने जीवन को वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए समर्पित कर दिया और ऐसे व्यक्तित्व को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।
राधेश्याम पैमाणी की असामयिक मृत्यु ने पूरे मारवाड़ और थार क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। वे अपने साथियों श्याम विश्नोई, कंवराज सिंह भाटी और वनरक्षक सुरेंद्र चौधरी के साथ 23 मई की रात शिकारियों की सूचना पर लाठी कस्बे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे थे, जहां एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से चारों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सभी लोग रात के अंधेरे में वन्यजीवों की निगरानी और शिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने निकले थे, जो उनके साहस और सेवा भावना को दर्शाता है।
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धोलिया में श्रद्धांजलि सभा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। मौके पर राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई, फलौदी विधायक पब्बाराम विश्नोई, जैसलमेर जिला प्रमुख प्रताप सिंह, सांकड़ा प्रधान भगवत सिंह तंवर और भाजपा नेत्री सुनीता भाटी सहित कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
शोकसभा के बाद ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि राधेश्याम पैमाणी और उनके तीन साथियों को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिले। ग्रामीणों ने यह भी अपील की कि राधेश्याम को मरणोपरांत गोंडावण मैन ऑफ इंडिया पुरस्कार से नवाजा जाए, परिजनों को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता दी जाए, वन्य जीव सुरक्षा योजनाओं में से किसी एक का नामकरण उनके नाम पर किया जाए, तथा एक स्थायी स्मारक बनाकर उनकी स्मृति को संरक्षित किया जाए। इस मांग के साथ ग्रामीणों ने वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवकों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाने का आह्वान भी किया, ताकि भविष्य में ऐसे समर्पित कार्यकर्ता असुरक्षित न रहें।