केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल
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जैसलमेर की शांत रेत पर इन दिनों सियासी लपटें उठ रही हैं। जिले में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मामला अब सिरे से राजनीति का रंग ले चुका है, जहां विकास की बैठक राजनीतिक दंगल में बदल गई है।
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शनिवार को हुई DISHA बैठक में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल नदारद रहे, जिसके बाद बवाल मच गया। सांसद का आरोप है कि उन्हें बैठक की जानकारी तक नहीं दी गई और प्रशासन ने जानबूझकर उन्हें दरकिनार किया। उन्होंने जिला कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत पर भाजपा के प्रवक्ता की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक शिकायत पहुंचा दी।
जवाबी हमला करते हुए DISHA कमेटी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सांसद जी 15 दिन तक बैठक का नोटिस जेब में रखकर घूमते रहे और अब सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर राजनीति कर रहे हैं। अगर उन्हें कोई आपत्ति थी तो मुझे फोन कर सकते थे, पर उन्हें ड्रामा करना था। इतना ही नहीं, शेखावत ने सांसद की राजनीतिक नासमझी पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे कांग्रेस में नए-नए शामिल हुए हैं, अब उसी पाठशाला की तालीम दिखा रहे हैं। उनकी ये हरकतें कांग्रेस की शैली का ही प्रतीक हैं।
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वहीं, उम्मेदाराम बेनीवाल भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने वीडियो जारी कर मंत्री शेखावत को झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि एक सांसद की मौजूदगी के बिना बैठक बुलाना सीधे तौर पर लोकतंत्र और जनप्रतिनिधित्व का अपमान है। उन्होंने प्रशासन पर खुले तौर पर पक्षपात करने और भाजपा के एजेंडे को थोपने का आरोप भी दोहराया।