Rajasthan Crime: पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला ऐसा क्यों करती थी, उन वीडियो से उसे क्या हासिल होता था, आरोपी महिला का सिंगापुर-थाईलैंड में क्या कनेक्शन था, इस कृत्य में उसका कौन साथ देता था और फिर उसकी गिरफ्तारी दिल्ली से कैसे हुई, आइये जानते हैं सबकुछ इस खबर में।
इस रिपोर्ट में हम पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर यह मामला था क्या, आरोपी कौन थे, महिला का सिंगापुर और थाईलैंड से क्या संबंध था, उन्होंने ऐसा रास्ता क्यों चुना और आखिरकार पुलिस तक यह मामला कैसे पहुंचा।
जनवरी के महीने में दिल्ली से एक युवक और युवती अपनी कार से जैसलमेर घूमने आएं थे। दोनों पेशे से सॉफ्टेवेयर इंजीनियर हैं। जैसलमेर शहर घूमने के बाद वह तनोट की तरफ जा रहे थे। रामगढ़ से तनोट रोड जाते समय कार के आगे सीट पर बैठी युवती बिल्कुल नग्न अवस्था में थी। तभी दोनों को बीच रास्ते में बकरी चराने वाला एक 70 वर्षीय बुजुर्ग दिखाई देता है। दोनों बुजुर्ग के पास जाकर रुकते हैं। सबसे पहले दोनों बुजुर्ग से रास्ता पूछते हैं, उसके बाद कार में बैठा युवक उस बुजुर्ग को उकसाता है और कहता है कि इस लड़की को टच करके देखो।
नग्न अवस्था में लड़की को देख कर बुजुर्ग कहता है कि ‘शर्म करो’ ऐसे क्यों घूम रहे हो, मगर ड्राइवर सीट पर बैठा युवक उस बुजुर्ग को बार-बार उकसा रहा था और कह रहा था कि मेरी दोस्त है कुछ नहीं होगा। बार-बार उकसाने के बाद बुजुर्ग उस लड़की को छूने लगा। इसके बाद लड़की बुजुर्ग के साथ अश्लील हरकत करने लग जाती है। इस पूरी घटना को ड्राइवर सीट पर बैठा युवक अपने कैमरे में कैद करने लगता है और उसे एक साइट पर अपलोड कर देता है।
दिल्ली तक पहुंचे सुराग
इस तरह के मामलों में जहां वीडियो वायरल हो चुका हो, वहां सबसे बड़ी चुनौती होती है वीडियो को बनाने वाले लोगों की पहचान और उनकी लोकेशन तक पहुंचना। खैर, जैसलमेर पुलिस की साइबर टीम ने वीडियो के मेटाडेटा, सोशल मीडिया पोस्टिंग पैटर्न, आईपी एड्रेस, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल फिंगरप्रिंट जैसे कई तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच की। इन तमाम प्रयासों के बाद यह पुष्टि हुई कि वीडियो में दिखने वाले युवक और युवती दिल्ली के निवासी हैं और दोनों पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। जिसके बाद जैसलमेर पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से दोनों को राजधानी से हिरासत में लिया और जैसलमेर लाकर पूछताछ की गई।
सिंगापुर और थाईलैंड तक पहुंच
पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया। जिसमें आरोपी युवती पहले भी कई देशों में यात्रा कर चुकी थी, जिसमें सिंगापुर और थाईलैंड जैसे पर्यटन स्थलों के नाम शामिल हैं। वहां भी उसने इसी तरह के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे। लेकिन सवाल यही है कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला ने इस तरह का काम किया क्यों? विशेषज्ञों की मानें तो किसी सामान्य परिस्थिति को एक असामान्य वीडियो में बदल देना और फिर उसे इंटरनेट पर साझा कर देना। ऐसे वीडियो से उसे एक विशेष वेबसाइट के जरिए आर्थिक लाभ होता था। वेबसाइट पर मिलने वाले व्यूज, सब्सक्रिप्शन और विज्ञापन के जरिए उसे अच्छी खासी आमदनी होती थी। खैर यह कोई मनोरंजन के उद्देश्य से बनाई गई वीडियो नहीं थी, बल्कि एक सोच-समझ कर रची गई डिजिटल योजना थी, जिसमें इंसानी भावनाओं और गरिमा को दरकिनार कर केवल मुनाफे को प्राथमिकता दी गई।
फिलहाल जैसलमेर पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाई और दोनों आरोपियों को दिल्ली से पकड़कर जैसलमेर लाया गया। पूछताछ और सबूतों के आधार पर दोनों के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने मीडिया को बताया कि आगे भी इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
बता दें कि यह घटना एक ऐसे शहर से जुड़ी है, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक इमारतों और मरुस्थलीय सौंदर्य के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। यहां हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटक यहां आते हैं, ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं न केवल समाज में नैतिक गिरावट को दर्शाती हैं बल्कि शहर की सकारात्मक पर्यटन छवि को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
मामले में पुलिस विभाग और पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से एक अपील जारी की है कि जैसलमेर जैसे पर्यटन स्थलों पर आने वाले सभी पर्यटक यहां की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मर्यादा का आदर करें। अश्लीलता फैलाने या किसी भी प्रकार की अमर्यादित गतिविधियों में शामिल होने वाले व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तरह की सामग्रियों से दूर रहें और किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।