जिले के झिनझिनियाली थाना क्षेत्र की बीरे की ढाणी में हुई महिला की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज 48 घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। इस हत्याकांड में किसी बाहरी गिरोह का नहीं, बल्कि मृतका के ही पड़ोसी युवक का हाथ निकला। पुलिस ने आरोपी हेमसिंह (22) को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
शादी में गया था पति, अकेली थी महिला
पुलिस के अनुसार महिला का पति अमराराम 20 अप्रैल को अपने रिश्तेदार की शादी में गया हुआ था। उसकी पत्नी हथु देवी खेत में बने ट्यूबवेल पर स्थित ढाणी में अकेली रह रही थी। 22 अप्रैल को जब अमराराम वापस लौटा, तो उसने कमरे के अंदर पत्नी का शव चारपाई पर पड़ा देखा। महिला का चेहरा, आंख, नाक और सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त थे। साथ ही ट्रैक्टर, जीरे की बोरियां और कुछ सामान गायब होने की बात सामने आई, जिससे शुरुआत में मामला लूट का लगा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सीओ, विभिन्न थाना अधिकारियों, जिला स्पेशल टीम, एफएसएल, एमओबी और डॉग स्क्वॉड को मौके पर लगाया गया। अलग-अलग टीमों का गठन कर तकनीकी और मानवीय दोनों आधारों पर जांच शुरू की गई।
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मोबाइल लोकेशन से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को घर में रखे गहने सुरक्षित मिले, जिससे लूट की कहानी कमजोर पड़ गई। इसके बाद मोबाइल टॉवर लोकेशन खंगाली गई, जिसमें पड़ोसी युवक हेमसिंह की मौजूदगी घटनास्थल के आसपास पाई गई। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी टूट गया और उसने पूरी साजिश कबूल कर ली।
पहचान के डर से किया फायर
पुलिस जांच में सामने आया कि हेमसिंह की नजर घर में रखे करीब 30 बोरी जीरे पर थी, जिसकी कीमत 5 से 6 लाख रुपये थी। 21 अप्रैल की रात वह अवैध टोपीदार बंदूक लेकर चोरी के इरादे से ढाणी में पहुंचा। उस समय हथु देवी जाग रही थीं और आहट लगने पर कमरे में चली गईं।
पहचाने जाने के डर से आरोपी ने कमरे की खिड़की से बेहद करीब जाकर फायर कर दिया। गोली के छर्रे महिला के सिर और गले में धंस गए, जिससे चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी घबरा गया और जीरा चोरी नहीं कर सका। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने घर के बाहर खड़ा ट्रैक्टर लेकर करीब 8 किलोमीटर दूर छोड़ दिया, ताकि मामला लूट का लगे। इसके बाद वह घटनास्थल पर लौटकर पुलिस की मदद करने का नाटक करता रहा, यहां तक कि पुलिसकर्मियों को चाय-पानी भी कराया।
आरोपी ने रेत में अपने पैरों और ट्रैक्टर के निशान मिटाने की भी कोशिश की, लेकिन तकनीकी साक्ष्य और पुलिस की सतर्कता के आगे उसकी चालाकी नहीं चल सकी।
पूछताछ में सामने आया कि हेमसिंह शराब का आदी है और भारी कर्ज में डूबा हुआ था। जीरे की बोरियों को देखकर उसकी नीयत बिगड़ गई। पहले भी जीरे के लेनदेन को लेकर उसका अमराराम से विवाद हो चुका था। इसी के चलते उसने हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
जिला पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, टीमवर्क और त्वरित कार्रवाई के जरिए इस जटिल केस को 48 घंटे में सुलझा दिया। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और वारदात में प्रयुक्त अवैध हथियार की बरामदगी सहित अन्य पहलुओं पर जांच जारी है।