सीमावर्ती जैसलमेर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा वार किया है। सांगड़ थाना क्षेत्र के कोडा गांव में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 50 लाख रुपये से अधिक कीमत के मादक पदार्थ बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि इससे पहले इसी आरोपी के दोनों बेटे भी ड्रग्स तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं, जिससे यह मामला पूरे परिवार के नशे के कारोबार में शामिल होने की ओर इशारा करता है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान सदराम बिश्नोई (42) निवासी विरमाणियों की ढाणी, चेनपुरा (बाड़मेर) के रूप में हुई है। सदराम पिछले करीब 2-3 वर्षों से जैसलमेर के कोडा गांव की सरहद के पास एक खेत में मजदूरी करता था। लेकिन जांच में सामने आया कि वह खेती की आड़ में बाड़मेर से स्मैक और एमडी जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ लाकर जैसलमेर में सप्लाई करता था।
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में जिला विशेष टीम (DST) और सांगड़ थाना पुलिस ने तकनीकी इनपुट और खुफिया सूचना के आधार पर कोडा गांव में खेत की घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 310 ग्राम स्मैक, 140 ग्राम एमडीएमए और 3.260 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद किया गया। इसके अलावा नशा बेचकर कमाए गए 2 लाख 70 हजार 800 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों में आंकी जाती है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी खेत में बनी झोपड़ी में ही ड्रग्स की पुड़ियां तैयार कर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करता था। पुलिस का मानना है कि सीमावर्ती इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक और एमडी का मिलना किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
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इस मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोपी के दोनों बेटे पहले ही ड्रग्स तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। बड़ा बेटा सुरेश बिश्नोई को 9 जून 2025 को 92 ग्राम एमडीएमए के साथ पकड़ा गया था, जबकि छोटा बेटा कमलेश बिश्नोई को 1 अक्तूबर 2025 को बाड़मेर में संचालित एक एमडी फैक्ट्री मामले में गिरफ्तार किया गया था। अब पिता की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि पूरा परिवार लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स की यह खेप कहां से लाई गई थी और जैसलमेर में इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस हर स्तर पर कार्रवाई कर रही है। इस ऑपरेशन में एएसपी रेवन्तदान, सीओ रूप सिंह ईन्दा, डीएसटी प्रभारी भीमराव सिंह सहित पुलिस की टीम ने अहम भूमिका निभाई।