महीने की शुरुआत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में लगी आग के सदमे से प्रदेश अभी उबर भी नहीं पाया था कि मंगलवार दोपहर जैसलमेर–जोधपुर हाईवे पर चलती निजी बस में भयानक आग लगने से यह माह प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जानलेवा हादसा बन गया। आग में अब तक 20 लोग मारे गए हैं और दर्जनों यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं; कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। बता दें कि कुछ ही दिनों पहले जयपुर में एक आईसीयू आग में आठ लोगों की मौत हुई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निजी बस के रामदेवरा क्षेत्र से गुजरते समय अचानक धुआं निकलने पर रोकने की कोशिश की गई, पर कुछ ही पलों में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। यात्री बस से बाहर निकल पाते इससे पहले ही बस को आग की लपटों ने घेर लिया। स्थानीय लोगों व राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी लेकिन तब तक भारी जनहानि हो चुकी थी। मृतकों में जैसलमेर के पत्रकार राजेंद्र सिंह चौहान भी शामिल हैं। जोधपुर के एमडीएम व महात्मा गांधी अस्पतालों में भर्ती कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बस में पटाखे रखे हुए थे, जिसके कारण हादसा और भयानक हो गया।
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सीएम ने जताया शोक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर शोक जताते हुए सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि जैसलमेर में बस में लगी आग की घटना अत्यंत हृदय विदारक है। इस दुखद हादसे से प्रभावित नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार एवं प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इधर हादसे को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सवाल उठाते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पूछना चाहता हूं कि कल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की धर्मपत्नी को बीमार होने पर जब आप उन्हें पाली से जयपुर हेलीकॉप्टर में ला सकते हो, तो आज जैसलमेर के निकट बस में हुई भीषण आगजनी में गंभीर रूप से झुलसे हुए नागरिकों को एयरलिफ्ट करके जोधपुर क्यों नहीं लेकर आए? जबकि जैसलमेर में तो सेना के हेलिकॉप्टर / प्लेन भी थे। आप केंद्र से व सैन्य अफसरों से बात करके तत्काल झुलसे हुए नागरिकों को हवाई मार्ग से जोधपुर या जयपुर लाते ताकि उनकी पीड़ा का समय पर उपचार शुरू होता। इससे यह स्पष्ट होता है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तो संवेदनहीन हो गए और उनके साथ सत्ताधारी दल के प्रदेश अध्यक्ष भी संवेदनहीन हो गए, जिन्हें आज समय रहते झुलसे हुए नागरिकों की पीड़ा महसूस तक नहीं हुई।