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Jaisalmer News: 30 बीघा वनभूमि से हटाया अतिक्रमण, वन व राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई से मुक्त हुआ कराहजोड़

Thu, 12 Mar 2026 12:40 PM IST
जैसलमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

जैसलमेर में वन विभाग और राजस्व विभाग में संयुक्त कार्रवाई कर कराहजोड़ वनखंड क्षेत्र में वनभूमि पर अवैध कब्जे की करीब 30 बीघा जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
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30 बीघा वनभूमि को कराया कब्जा मुक्त
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विस्तार
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जिले में वनभूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने वनखंड कराहजोड़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 30 बीघा वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। यह कार्रवाई सीमांकन के दौरान अतिक्रमण पाए जाने के बाद नियमानुसार की गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग को लंबे समय से वनखंड कराहजोड़ क्षेत्र में वनभूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद वन विभाग ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर क्षेत्र का सीमाज्ञान करवाने का निर्णय लिया। सीमांकन की प्रक्रिया के दौरान ग्राम हमीरा क्षेत्र में लगभग 30 बीघा वनभूमि पर अतिक्रमण पाया गया।

इस संबंध में उप वन संरक्षक जैसलमेर कुमार शुभम ने बताया कि तहसीलदार (भू-अभिलेख) जैसलमेर और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सीमांकन के दौरान वनभूमि पर अवैध कब्जा पाया गया, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
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उप वन संरक्षक के निर्देशों के बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी, जैसलमेर अपनी टीम और आवश्यक जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इस कार्रवाई में तहसीलदार (भू-अभिलेख) जैसलमेर की टीम भी शामिल रही। संयुक्त टीम ने ग्राम हमीरा स्थित उक्त वनभूमि पर पहुंचकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की और करीब 30 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट किया कि वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वनखंड कराहजोड़ एक विस्तृत क्षेत्र है जो चार अलग-अलग राजस्व ग्रामों से घिरा हुआ है। इस इलाके में वनभूमि के साथ-साथ निजी काश्तकारों की भूमि भी मौजूद है। इसी कारण कई बार सीमाओं को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती है और अतिक्रमण की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए उप वन संरक्षक ने क्षेत्रीय वन अधिकारी को नियमित रूप से गश्त करने और वनभूमि की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।  वन विभाग का कहना है कि वन क्षेत्र की सुरक्षा और संरक्षण विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर सीमाज्ञान, गश्त और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है।
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उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने आमजन से भी अपील की कि वनभूमि पर अवैध कब्जा करने से बचें तथा यदि कहीं अतिक्रमण की जानकारी मिले तो विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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