लंबे इंतजार के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने शनिवार रात 8 बजे प्रदेश के 40 जिलों के नए जिला अध्यक्षों की अंतिम सूची जारी कर दी। जैसलमेर से यह अहम जिम्मेदारी पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद के भाई अमरदीन फकीर को सौंपी गई है। उनके नियुक्त होते ही जैसलमेर कांग्रेस में हलचल बढ़ गई और फकीर परिवार के घर जश्न का माहौल बन गया।
देर रात ग्रैंड खलीफा आवास पर चला जश्न
सूची जारी होते ही अमरदीन फकीर के समर्थक बड़ी संख्या में उनके जैसलमेर स्थित आवास ग्रैंड खलीफा के बाहर जुटने लगे। कुछ देर बाद जब वे अपने रिसोर्ट से घर पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें कंधों पर उठाकर ज़ोरदार नारों, आतिशबाजी और फूलमालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। देर रात तक बधाइयों और मुलाकातों का सिलसिला जारी रहा।
तीन दशक से कांग्रेस में सक्रिय फकीर परिवार
अमरदीन फकीर कांग्रेस संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे एनएसयूआई में प्रदेश पदाधिकारी, युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और जैसलमेर पंचायत समिति के प्रधान रह चुके हैं। फकीर परिवार लगभग 30 वर्षों से कांग्रेस संगठन का प्रमुख राजनीतिक स्तंभ माना जाता है।
जानकारी के अनुसार, उनके चाचा फतेह मोहम्मद जिला प्रमुख और कांग्रेस जिला अध्यक्ष रहे। बड़े भाई अब्दुल्ला फकीर जैसलमेर जिला प्रमुख रहे। सालेह मोहम्मद पोकरण से तीन बार विधायक और पूर्व गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। अमरदीन की नियुक्ति से फकीर परिवार को एक और महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारी मिल गई है।
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‘सभी मतभेद भुलाकर साथ चलेंगे’
मीडिया से बातचीत में अमरदीन फकीर ने राहुल गांधी और आलाकमान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वे सभी पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर संगठन को मजबूत करेंगे और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान देंगे।
दो धड़ों में बंटी जैसलमेर कांग्रेस, चुनाव में फकीर परिवार की जीत
जैसलमेर कांग्रेस काफी समय से दो खेमों रूपाराम गुट और फकीर गुट में बंटी हुई मानी जाती है। दूसरे गुट के नेता जैसलमेर धनदेव ने उम्मेद सिंह तंवर को जिला अध्यक्ष बनाने की पैरवी की थी, लेकिन इस बार उनकी दावेदारी टिक नहीं पाई। संगठन में हाल के समय में रूपाराम गुट का प्रभाव दिख रहा था। चाहे महिला मोर्चा हो, सेवा दल हो या एनएसयूआई जिला अध्यक्ष, अधिकांश नियुक्तियां उसी खेमे को मिली थीं। लेकिन इस बार आलाकमान ने अमरदीन को चुनकर फकीर परिवार को बड़ी राजनीतिक जीत दिलाई है।