सीमा सुरक्षा को लेकर प्रशासन का बड़ा एक्शन
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भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जैसलमेर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों, ढाणियों और बस्तियों में रहने वाले लोगों का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार हाल के समय में सीमावर्ती क्षेत्रों में बाहरी मजदूरों, फेरीवालों और अस्थायी रूप से रह रहे लोगों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर यह अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस, राजस्व विभाग और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीमें विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर निवासियों की पहचान और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। बिना वैध पहचान पत्र के पाए जाने वाले या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अभियान के दौरान मकान मालिकों, होटल संचालकों, ठेकेदारों और नियोक्ताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति या मजदूर को अपने यहां रखने से पहले उसकी सूचना संबंधित पुलिस थाने में दें। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जैसलमेर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और नागरिक सत्यापन की प्रक्रिया नियमित रूप से चलती रहती है। इसका उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखना है। प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।