सार
राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीकानेर के लूणकरणसर में ओलावृष्टि हुई, जबकि जयपुर, सीकर, अलवर और बहरोड़ में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं 8 जून से हीटवेव लौट सकती है।
राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार जोर पकड़ रही हैं। राज्य के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। शनिवार को बीकानेर, सीकर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ और जयपुर समेत कई जिलों में मौसम ने करवट ली, जिससे आगामी मानसून सीजन के लिए अनुकूल संकेत मिलने लगे हैं।
बीकानेर जिले के लूणकरणसर क्षेत्र में शनिवार दोपहर तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। वहीं सीकर, अलवर और बहरोड़ में बारिश दर्ज की गई। राजधानी जयपुर के कुछ इलाकों में भी बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में कमी महसूस की गई। इससे पहले 4 जून की शाम से 5 जून की सुबह तक बांसवाड़ा, बूंदी, भीलवाड़ा, अजमेर और भरतपुर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई थी। बीकानेर, चूरू और हनुमानगढ़ में भी ओले गिरने की घटनाएं दर्ज की गई थीं।
आंधी और बारिश के असर से प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है। जयपुर, करौली, दौसा, डूंगरपुर और नागौर सहित कई शहरों का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में जैसलमेर 42.1 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि श्रीगंगानगर में 41.5 और बाड़मेर में 40.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
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मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि विभाग ने चेतावनी दी है कि 8 जून के बाद पश्चिमी राजस्थान में एक बार फिर तापमान बढ़ सकता है और कुछ क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है।
फिलहाल प्री-मानसून की सक्रियता ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन अब प्रदेश की निगाहें इस साल के मानसून पर टिकी हैं कि क्या इस बार भी सामान्य से अधिक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।