फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनु मीणा सुसाइड केस: मोबाइल चैट्स, CCTV और वीडियो बने अहम सबूत; परिवार बोला- लंबे समय से झेल रही थी हिंसा

Wed, 27 May 2026 08:04 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर के चर्चित अनु मीणा सुसाइड केस में वायरल व्हाट्सऐप चैट्स और CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला गहरा गया है। परिवार ने पति पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पुलिस डिजिटल सबूतों और बच्चों के बयान के आधार पर जांच तेज कर रही है।

विज्ञापन
अनु मीणा सुसाइड केस - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 जयपुर के चर्चित अनु मीणा आत्महत्या मामले में अब सामने आई व्हाट्सऐप चैट्स ने केस को नया मोड़ दे दिया है। वायरल चैट्स में अनु मीणा अपने वैवाहिक जीवन में तनाव, उपेक्षा और मानसिक प्रताड़ना की बात करती नजर आ रही हैं। इन संदेशों को अब परिवार मामले में अहम डिजिटल सबूत बता रहा है।

एक चैट में अनु ने लिखा, “मैंने बहुत कोशिश की लेकिन अब नहीं हो रहा मुझसे… आपको कभी मेरी कद्र ही नहीं हुई।” वहीं एक अन्य मैसेज में उन्होंने लिखा, “मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है, वरना मारने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।” इन चैट्स के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी मामला चर्चा में आ गया है।

मामला जयपुर के मानसरोवर इलाके का है, जहां 7 अप्रैल को अनु मीणा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुरुआत में इसे सामान्य आत्महत्या माना गया था, लेकिन बाद में मोबाइल रिकॉर्डिंग, CCTV फुटेज और डिजिटल चैट्स सामने आने के बाद जांच का फोकस घरेलू हिंसा और कथित दहेज प्रताड़ना की ओर बढ़ गया।

विज्ञापन

यह भी पढें- Rajasthan News: पेट्रोल-डीजल और LPG कीमतों पर कांग्रेस का हमला, गहलोत बोले- “जनता परेशान, सरकार कर रही तमाशा”

आरोप है कि PWD विभाग में XEN पद पर कार्यरत पति गौतम मीणा शराब के नशे में अक्सर अनु के साथ मारपीट करता था। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कुछ CCTV फुटेज में घर के भीतर बच्चों के सामने विवाद, मारपीट और सामान तोड़फोड़ के दृश्य भी दिखाई दिए हैं।

परिजनों का कहना है कि अनु लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी। उसने कई बार अपने दर्द और विवादों को मोबाइल चैट्स, वीडियो और रिकॉर्डिंग के जरिए सुरक्षित किया था। अब यही डिजिटल रिकॉर्ड जांच एजेंसियों के लिए अहम आधार बन रहे हैं।

पुलिस ने पति समेत अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। बच्चों के बयान, मोबाइल डेटा और वायरल चैट्स की फॉरेंसिक जांच भी करवाई जा रही है। वहीं सोशल मीडिया पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें