वंशिका गर्ग मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर परिजन
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जयपुर के प्रताप नगर क्षेत्र से लापता हुई 15 वर्षीय वंशिका गर्ग की मौत के मामले में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। शनिवार को वंशिका के माता-पिता, भाई, अन्य परिजन और समर्थक भाजपा प्रदेश मुख्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। परिवार का कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
एक महीने से सिर्फ आश्वासन मिल रहा
वंशिका के पिता मनीष गर्ग ने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले आरयूएचएस अस्पताल के बाहर भी तीन दिन तक धरना दिया गया था। उस समय जनप्रतिनिधियों ने न्याय का भरोसा दिलाकर अंतिम संस्कार कराया, लेकिन उसके बाद किसी ने परिवार की सुध नहीं ली।
परिवार ने जांच पर उठाए कई सवाल
मनीष गर्ग ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना सभी तथ्यों को सार्वजनिक किए आत्महत्या का निष्कर्ष पेश कर रही है, जबकि परिवार के कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। उनका कहना है कि सवाल उठाने पर परिवार को डराने और कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है।
धरने के दौरान परिजनों ने जांच को लेकर कई सवाल उठाए। उनका कहना है कि:
- सुरक्षा व्यवस्था वाली इमारत में वंशिका कैसे पहुंची?
- पुलिस आत्महत्या का दावा किन साक्ष्यों के आधार पर कर रही है?
- छत पर मिले जूतों की क्या भूमिका है?
- सीसीटीवी फुटेज की जांच परिजनों की मौजूदगी में क्यों नहीं कराई जा रही?
- पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?
- परिवार के मोबाइल फोन एक महीने से जब्त क्यों हैं?
- जांच की प्रगति की जानकारी परिवार को क्यों नहीं दी जा रही?
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'बेटी की हत्या हुई है, निष्पक्ष जांच हो'
वंशिका की मां संतोष गर्ग ने दावा किया कि उनकी बेटी की हत्या हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में जांच प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि गरीब परिवार होने के कारण उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए या जान से मार दिया जाए, वे न्याय की लड़ाई नहीं छोड़ेंगे।
संयुक्त अभिभावक संघ ने भी उठाई आवाज
संयुक्त अभिभावक संघ, राजस्थान के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि यदि किसी पीड़ित परिवार को न्याय मांगने के लिए धरने पर बैठना पड़े तो यह कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले की पारदर्शी जांच, दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।