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Rajasthan: RCA को ट्रस्ट बनाने की कोशिश पर बवाल, FIR की मांग तेज

Fri, 27 Feb 2026 09:39 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को ट्रस्ट में बदलने की कोशिश ने खेल जगत में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। वायरल दस्तावेजों के आधार पर ट्रस्ट पंजीकरण के प्रयास, संपत्तियों को ट्रस्ट के नाम दर्शाने और साधारण सभा की अनदेखी के आरोप लगे हैं।  
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राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन - फोटो : Facbook
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विस्तार
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राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) को ट्रस्ट में बदलने की कोशिश को लेकर प्रदेश के क्रिकेट जगत में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 'RCA क्रिकेट की सत्ता अब भगवान के हाथों में” जैसी तीखी प्रतिक्रिया के साथ यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दस्तावेज वायरल होने के बाद कई जिला क्रिकेट संघ खुलकर विरोध में आ गए हैं और पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज करने की मांग उठने लगी है।

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वायरल दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया गया है कि दीनदयाल कुमावत ने राजस्थान सार्वजनिक न्यास अधिनियम, 1959 के तहत RCA को सार्वजनिक ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत कराने का आवेदन पेश किया। आवेदन में स्वयं को कार्यवाहक/प्रमुख प्रन्यासी दर्शाते हुए RCA की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और अन्य परिसंपत्तियों को ट्रस्ट की संपत्ति के रूप में दर्ज करने का उल्लेख सामने आया है।

मामले में यह दावा भी किया गया है कि RCA एक विधिवत पंजीकृत सहकारी संस्था है, जो राजस्थान सहकारी समितियां अधिनियम और राजस्थान खेल अधिनियम, 2005 के तहत संचालित होती है। ऐसे में बिना वैधानिक अनुमति इसे ट्रस्ट में बदलने का प्रयास नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।
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जानकारों का कहना है कि RCA की सर्वोच्च निकाय उसकी साधारण सभा (जनरल बॉडी) है और संस्था से जुड़े किसी भी नीतिगत, संरचनात्मक या संपत्ति संबंधी निर्णय का अधिकार केवल साधारण सभा को ही है। इसके बावजूद ट्रस्ट पंजीकरण की कोशिश को संस्था की व्यवस्था से बाहर का कदम माना जा रहा है।

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शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि RCA जैसी सार्वजनिक और खेल गतिविधियों से जुड़ी संस्था की संपत्तियों और प्रशासन पर व्यक्तिगत नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया गया।  शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।  

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