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Rajasthan: पशुधन बीमा योजना पर विधानसभा में हंगामा; मंत्री–विपक्ष के बीच तमीज-तहजीब तक पहुंची बात

Thu, 26 Feb 2026 10:46 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan: विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पशुधन बीमा योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान मुख्य सचेतक ने ऐसी टिप्पणी कर दी जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।  
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राजस्थान विधानसभा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पशुधन बीमा योजना को लेकर जोरदार बहस छिड़ गई। सदन का माहौल देखते-देखते गरमा गया। भाषा की मर्यादा पीछे छूट गई और बहस तू-तड़ाक तक पहुंच गई। कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने योजना के क्रियान्वयन और प्रीमियम भुगतान को लेकर सवाल उठाए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने नाराजगी जताई। हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों के मंत्री प्रभारी हैं, वहां उनकी सुनवाई नहीं होती और उनके विधानसभा क्षेत्र में पार्टी संगठन के नेता दखल देते हैं। उल्लेखनीय है कि इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी विशिष्ट अतिथि दीर्घा में मौजूद थे।

मंत्री का जवाब और पलटवार

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पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि इस वर्ष 42 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 31,10,735 पशुओं का पंजीकरण हो चुका है और 16 लाख से अधिक पशुपालकों को पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं। प्रीमियम भुगतान के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी की, “जिनके घर कांच के बने होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते।”

नेता प्रतिपक्ष का पूरक सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूछा कि मार्च तक 42 लाख का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अब केवल एक महीना शेष है। ऐसे में शेष पशुओं का बीमा कैसे पूरा किया जाएगा?

मुख्य सचेतक की टिप्पणी से बढ़ा विवाद

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सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्री 'आपके गुलाम नहीं हैं' और सदन में तमीज से बात की जानी चाहिए। इस बयान के बाद हंगामे की स्थिति बन गई।

पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप
मंत्री कुमावत ने पिछली सरकार की ‘कामधेनु बीमा योजना’ को विफल बताते हुए कहा कि एक करोड़ से अधिक आवेदन लेने के बावजूद केवल 1,764 पशुओं का बीमा हुआ और क्लेम का भुगतान लंबित रहा। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने लंबित भुगतान कर दिया है।

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व्यक्तिगत टिप्पणियों पर टकराव

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पूरक प्रश्न के दौरान की गई टिप्पणी पर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि विपक्ष अपनी संस्कृति दिखा रहा है। जवाब में हरीश चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल मुद्दे को उठाना था। लगातार नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप के बीच सदन में हंगामे जैसे हालात बने रहे।

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