मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा जारी किये गए आम बजट पर विपक्ष के नेताओं ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। इसी कड़ी में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बजट को केवल आंध्र प्रदेश और बिहार का बजट बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा कि राजनैतिक कारणों से केन्द्र सरकार ने केवल आंध्र प्रदेश एवं बिहार को ही पूरे देश का बजट सौंप दिया हो।
भौगोलिक एवं सामाजिक रूप से हमारे राजस्थान को विशेष पैकेज की आवश्यकता थी परन्तु पूरे बजट भाषण में राजस्थान का नाम तक नहीं आया जबकि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान तथाकथित डबल इंजन की सरकार से डबल विकास के भ्रामक दावे के बगैर प्रधानमंत्री जी का कोई भाषण समाप्त नहीं होता था। हमें आशा थी कि केन्द्र सरकार इस बजट में ERCP को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देगी एवं ERCP के लिए विशेष फंड मिलेगा लेकिन केन्द्र सरकार ने ERCP पर भी कोई घोषणा ना कर राजस्थान के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। पहले भाजपा सरकार का वादा 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष का था, परन्तु अब 5 साल में 1 करोड़ इंटर्नशिप एवं 5,000 रुपये महीने देने की घोषणा बजट में की गई है।
महंगाई को काबू करने के लिए इस बजट में कोई उपाय नहीं किए गए हैं। ना तो पेट्रोल डीजल पर कोई टैक्स कम किया गया और ना ही रसोई गैस सस्ती की गई। राजस्थान में हमारी सरकार ने 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया। जब राजस्थान राज्य ऐसा कर सकता है तो केन्द्र सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती? पूरे बजट भाषण को पढ़ने के बाद जनता निराश है। ऐसा दिशाहीन बजट देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में शायद ही कामयाब हो।