राजस्थान में मौसम दो अलग-अलग रंग दिखा रहा है। एक ओर पश्चिमी राजस्थान भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, तो दूसरी ओर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिलों में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए 6 जिलों में हीटवेव और 4 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
मंगलवार को श्रीगंगानगर लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू में 44.6, पिलानी में 44.5, फलोदी में 43.8 तथा बीकानेर और जैसलमेर में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन इलाकों में दिनभर लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल रखा।
वहीं हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर से सटे राजस्थान के जिलों में शाम के समय मौसम ने करवट ली। अलवर, भरतपुर, झुंझुनूं और हनुमानगढ़ में धूलभरी आंधी चली और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिली।
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मौसम विभाग के अनुसार 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में मौसम फिर बदलेगा। 11 से 14 जून के बीच जयपुर, अजमेर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के अनेक क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, मेघगर्जन, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
राजधानी जयपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिनभर तेज धूप और बढ़ी हुई नमी के कारण उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कोटा में पारा 42.1 डिग्री, अलवर में 42 डिग्री और सीकर में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिन पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और तेज हो सकती है, लेकिन 11 जून के बाद सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश के बड़े हिस्से में राहत लेकर आएगा। हालांकि आंधी और ओलावृष्टि के कारण किसानों और आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।