राजस्थान सरकार ने 19 जून से 10 जुलाई तक विभागों को तबादले करने की छूट दी थी। शुरुआत में उम्मीद थी कि अधिकांश विभाग चरणबद्ध तरीके से तबादला सूचियां जारी करेंगे, लेकिन अंतिम दिन तक भी कई बड़े विभागों की सूचियां सामने नहीं आई हैं।
अब कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार 10 जुलाई को ही बड़ी संख्या में तबादला आदेश जारी करेगी या फिर पूर्व वर्षों की तरह आदेशों पर पुरानी तारीख डालकर (बैक डेट) उन्हें बाद में जारी किया जाएगा।
कई विभागों ने तैयार कर ली हैं सूचियां
सरकारी सूत्रों के अनुसार चिकित्सा, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, सार्वजनिक निर्माण (PWD), जलदाय, वन, महिला एवं बाल विकास, सहकारिता और अन्य विभागों ने तबादलों के प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं। कई विभागों में मंत्रियों और अधिकारियों के स्तर पर अंतिम मंथन भी पूरा हो चुका है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक मंजूरी के इंतजार में सूचियां जारी नहीं हो सकी हैं।
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सिफारिशों का लगा अंबार
इस बार तबादलों के लिए कर्मचारियों ने रिकॉर्ड संख्या में आवेदन दिए। मंत्रियों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों में सिफारिशी पत्रों का अंबार लग गया। बीजेपी मुख्यालय से ही करीब 25 हजार से ज्यादा डिजायर सरकार को भेजी गई हैं। कई विभागों में अंतिम सूची तैयार करने से पहले लगातार फेरबदल किए जा रहे हैं, जिससे आदेश जारी होने में देरी हो रही है।
OBC सर्वे ने भी बढ़ाई मुश्किल
इसी बीच पंचायत और निकाय चुनावों के लिए ओबीसी आयोग 10 जुलाई से घर-घर सर्वे शुरू कर रहा है। आयोग ने सर्वे में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यमुक्त नहीं करने के लिए मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा है। ऐसे में जिन विभागों के कर्मचारी सर्वे में लगाए गए हैं, वहां तबादला प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ सकता है।
क्या बैक डेट में जारी होंगे आदेश?
सरकारी हलकों में यह भी चर्चा है कि समय कम होने के कारण कुछ विभाग 10 जुलाई की तारीख वाले आदेश बाद में जारी कर सकते हैं। हालांकि इस पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि ऐसा होता है तो एक बार फिर तबादला प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
आज पर टिकी हैं निगाहें
तबादलों की समय-सीमा समाप्त होने से पहले अब कर्मचारियों और अधिकारियों की नजरें सचिवालय पर टिकी हैं। यदि आज बड़े पैमाने पर सूचियां जारी नहीं होती हैं तो बड़ी संख्या में तबादले अगले आदेश तक टल सकते हैं। ऐसे में 10 जुलाई राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहद अहम दिन साबित हो सकता है।
इनका कहना है
राजस्थान में तबादलों को लेकर कर्मचारियों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। सरकार तबदलों की समय सीमा भी बढ़ा चुकी फिर भी विभागों की तरफ से सूचियां जारी नहीं की गई हैं। इसका अर्थ यह है कि ज्यादातर विभाग बैक डेट में सूचियां जारी करेंगे ताकि तबादला निरस्त करवाने की गुंजाइश ही नहीं रहे। शिक्षा विभाग में 7 हजार शिक्षकों के तबादले कर दिए गए लेकिन इसके मंत्रालयिक कैडर में अब तक एक भी सूची जारी नहीं की गई है।
मनोज सक्सेना- प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ