विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया के जरिए भाजपा और केंद्र सरकार को घेरते हुए जूली ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की समस्याओं से ध्यान हटाकर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है।
जूली ने कहा कि भाजपा नेता लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देने में लगे रहते हैं लेकिन प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, नीट पेपर लीक और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर पूरी तरह मौन हैं।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल के दाम में 2.82 रुपये और डीजल में 2.73 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर आम आदमी की जेब पर सीधा बोझ डाला गया है। उनके मुताबिक लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब परिवहन से लेकर खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर भी दिखाई देने लगा है। टीकाराम जूली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “महंगाई मैन” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार केवल पूंजीपतियों के हितों की चिंता कर रही है, जबकि आम जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है।
ये भी पढ़ें: फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम: दस दिन के भीतर 7.94 तक महंगा हुआ पेट्रोल, आम आदमी पर महंगाई की नई मार
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी जूली ने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने एनसीआरबी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान देश में शीर्ष पर पहुंच चुका है। उनके अनुसार महिलाओं और बच्चियों को प्रदेश में असुरक्षा का माहौल झेलना पड़ रहा है।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर भी उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जूली ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सीकर निवासी दिवंगत छात्र प्रदीप मेघवाल का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा घोटालों और मानसिक तनाव के कारण एक होनहार छात्र ने जान गंवा दी लेकिन सरकार की ओर से संवेदना तक व्यक्त नहीं की गई।
जूली ने कहा कि भाजपा नेताओं को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय जनता से जुड़े असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश और देश की जनता अब सरकार की नीतियों से परेशान हो चुकी है और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।