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Rajasthan Vidhan Sabha: बातचीत का दौर चला…लेकिन शाम तक नहीं टूटा गतिरोध, सत्तापक्ष-प्रतिपक्ष में बातचीत जारी

Thu, 27 Feb 2025 06:22 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan: राजस्थान विधानसभा में बीते 6 दिन से चल रहा गतिरोध गुरुवार शाम तक भी जारी रहा। आज बजट बहस पर नेता प्रतिपक्ष का भाषण शाम 4 बजे होना था, लेकिन गतिरोध के चलते कांग्रेस विधायक शाम साढ़े 5 बजे तक भी सदन में नहीं पहुंचे। हालांकि सत्ता पक्ष ने आज डेडलॉक खत्म करने की कोशिश की। 

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राजस्थान विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा में सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच डेडलॉक शाम तक बरकरार रहा। बजट बहस पर आज शाम चार बजे नेता प्रतिपक्ष का भाषण होना था इसके बाद वित्त मंत्री दीया कुमारी का जवाब पेश होना है। लेकिन शाम साढ़े 5 बजे तक भी कांग्रेस विधायक सदन में नहीं पहुंचे। लेकिन सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच बातचीत स्पीकर के चैंबर में चल रही है।

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सुबह का घटनाक्रम यह रहा है कि कांग्रेस के विधायक विधानसभा परिसर के बाहर सड़क पर धरने पर बैठे रहे। इनकी गैर मौजूदगी में ही विधानसभा में प्रश्न काल की कार्यवाही चल रही है। वहीं कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर सामानान्तर सदन की कार्यवाही चलाई। कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर को स्पीकर का रोल दिया गया। जिस तरह विधानसभा की कार्यवाही चलती है, उसी तर्ज पर विधायकों ने सवाल पूछे। हंगामा किया और तंज भी कसे।

नेता प्रतिपक्ष का बयान
विधानसभा के बाहर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जो गतिरोध सत्ता पक्ष बनाना चाहता है। वो बन रहा है। हमारी तरफ से पूरा प्रयास करने के बाद भी सत्ता पक्ष वार्ता के लिए तैयार नहीं है। मैंने खुद कल इस मामले पर सीएम भजनलाल से बात की थी। इससे एक दिन पहले मैंने संसदीय मंत्री से बात की थी। आज तक सरकार की तरफ से गतिरोध तोड़ने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए गए। सत्ता पक्ष जिस घमंड में चूर है, वो नहीं चाहते थे कि विपक्ष विधानसभा में आकर अपनी बात रख सके।
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क्या बोले डोटासरा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा के मुद्दे भाजपा की प्राथमिकता में नहीं है। इसलिए ये चर्चा नहीं करना चाहिए। मुझे पांच साल के लिए टर्मिनेट कर दो, लेकिन सदन चलने दो। मैंने तो खेद भी प्रकट कर दिया। मीडिया की बातों को आधार बनाकर सदन चलाया जाएगा, अपमानित किया जाएगा तो ठीक नहीं है। उस टिप्पणी को हटाइए। मंत्री खेद प्रकट करें। अगर अध्यक्ष को तकलीफ हुई है तो मैं खेद व्यक्त कर चुका हूं। अध्यक्ष ईगो रखने वाले व्यक्ति हैं।


सरकार को ईगो छोड़कर बात करनी चाहिए: गहलोत
गुरुवार को विधानसभा के बाहर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि  सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। सरकार को अपना ईगो छोड़कर गतिरोध दूर करने के लिए आगे आना चाहिए। जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने यहां तक कह दिया कि वह स्पीकर के घर जाकर खेद जता देंगे। इसके बाद क्या बच जाता है। परसों भी कांग्रेस विधायकों ने धरना दिया। सरकार की तरफ से कोई बातचीत तक के लिए नहीं आया।



विधानसभा में बजट बहस पर कांग्रेस विधायक केवल एक दिन ही बोले हैं। उसके बाद से इंदिरा गांधी पर सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत की टिप्पणी के कारण पिछले शुक्रवार से ही गतिरोध बना हुआ है। गतिरोध टूटने पर अभी तक सहमति नहीं बनी है। बजट बहस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का भाषण होगा या नहीं यह गतिरोध टूटने पर निर्भर है। गतिरोध बरकरार रहा तो नेता प्रतिपक्ष का बजट बहस में भाषण नहीं होगा।

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