करणी विहार थाना पुलिस ने आज खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का राष्ट्रीय विचारक बताने वाले आरोपी कुशल चौधरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पुलिस को संघ के फर्जी और कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने खुद को राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) का अध्यक्ष मनोनीत करवाने के लिए आरएसएस के लैटर पैड पर कूटरचित पत्र तैयार कर मुख्यमंत्री राजस्थान को भेजा था। इसके अलावा प्रधानमंत्री को भी इसकी प्रतिलिपि भिजवाई गई थी।
डीसीपी वेस्ट अमित कुमार के अनुसार, करणी विहार थाने में आरएसएस से जुड़े विजय सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि कुशल चौधरी ने सोशल मीडिया और अन्य स्रोतों पर खुद को आरएसएस का विचारक बताकर कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं। इनमें असम नि:शक्तजन आयोग, गुवाहाटी में आयुक्त बनने के लिए मुख्यमंत्री असम को भेजे गए फर्जी पत्र भी शामिल हैं।
पुलिस की कार्रवाई
विजय सिंह की शिकायत के आधार पर एसीपी वैशाली नगर आलोक सिंघल और सीआई करणी विहार गजेन्द्र सिंह की टीम ने कार्रवाई की। आरोपी कुशल चौधरी (31) पुत्र रामप्रताप, निवासी सैनिक कॉलोनी बीकानेर रोड, नागौर और हाल निवासी सत्यं अपार्टमेंट, जीवन विहार कॉलोनी, जयपुर को डिटेन कर करणी विहार थाने लाया गया, जहां उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का बयान
पुलिस ने बताया कि कुशल चौधरी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरएसएस की छवि को धूमिल करने की कोशिश की और स्वयं को विभिन्न पदों पर नियुक्त करवाने का प्रयास किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह न तो आरएसएस के किसी पद पर है और न ही उसकी किसी शाखा से जुड़ा हुआ है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच की जा रही है।