फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: अमरूदों का बाग और जनपथ क्षेत्र में ट्रैफिक पर सुप्रीम फैसला, HC के निर्देशों में हस्तक्षेप नहीं

Tue, 10 Mar 2026 10:00 PM IST
Himanshu Priyadarshi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/नई दिल्ली

सार

Supreme Court Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने अमरूदों का बाग, अंबेडकर सर्किल और जनपथ क्षेत्र में ट्रैफिक व सार्वजनिक कार्यक्रमों के नियमन पर राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशों में हस्तक्षेप से इनकार किया। अदालत ने राज्य सरकार को आठ सप्ताह में आवश्यक वैधानिक आदेश जारी करने की स्वतंत्रता दी है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जयपुर के महत्वपूर्ण संस्थागत क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था और सार्वजनिक कार्यक्रमों के नियमन से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने अमरूदों का बाग, अंबेडकर सर्किल और जनपथ क्षेत्र से संबंधित व्यवस्थाओं को यथावत बनाए रखने का निर्णय दिया।

विज्ञापन

 
न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की खंडपीठ ने प्रशासक न्यायमूर्ति सुदर्शन कुमार मिश्रा (सेवानिवृत्त) और एसएमएस इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन की ओर से दायर याचिकाओं का निस्तारण करते हुए राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशों को निरस्त करने से मना कर दिया।
 
राज्य सरकार को वैधानिक आदेश पारित करने की स्वतंत्रता
मामले की सुनवाई के दौरान प्रशासक की ओर से प्रस्तुत अधिवक्ताओं और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को यह स्वतंत्रता दी कि वह आठ सप्ताह के भीतर जयपुर के संबंधित क्षेत्रों में ट्रैफिक को नियंत्रित करने या प्रतिबंधित करने के लिए उपयुक्त वैधानिक आदेश पारित कर सकती है।
विज्ञापन

 
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार किसी अधिनियम के तहत नया आदेश जारी करती है तो वह कानून के अनुसार न्यायिक समीक्षा के अधीन रहेगा, यदि ऐसा करने की अनुमति संबंधित कानून में हो।
 
2018 में स्वतः संज्ञान से शुरू हुआ था मामला
यह मामला 5 सितंबर 2018 को राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए शुरू की गई कार्यवाही से जुड़ा है। उस दिन अमरूदों का बाग में आयोजित एक सार्वजनिक सभा के कारण भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
 
उस दौरान अधिवक्ता, वादकारी और यहां तक कि न्यायाधीश भी समय पर हाई कोर्ट नहीं पहुंच पाए थे। साथ ही आसपास के अस्पतालों तक जाने वाली एंबुलेंसों की आवाजाही भी प्रभावित हुई थी। इस स्थिति को देखते हुए अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया था।
 
कार्यालय समय में कार्यक्रमों पर रोक के निर्देश
मामले की सुनवाई के बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि अमरूदों का बाग और आसपास के क्षेत्रों में कार्यालय समय के दौरान किसी भी प्रकार की बैठक, रैली, प्रदर्शनी या अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया था कि अंबेडकर सर्किल से जुड़े मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक को न रोका जाएगा और न ही उसे अन्य मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा, ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो।
 
साइलेंस जोन और ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लेख
बाद की सुनवाई में 29 सितंबर 2018 को राजस्थान हाई कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया था कि यह क्षेत्र पहले से ही ध्वनि प्रदूषण (Regulation and Control) Rules, 2000 के तहत साइलेंस जोन घोषित किया जा चुका है। अदालत ने कहा था कि ऐसे कार्यक्रमों के सख्त नियमन की आवश्यकता है जो ध्वनि प्रदूषण या ट्रैफिक जाम का कारण बन सकते हैं।

पढ़ें- Rajasthan: नदियों में प्रदूषण पर SC की सख्त टिप्पणी, कहा- अधिकारियों की ढिलाई से सार्वजनिक ढांचा क्षतिग्रस्त
 
राज्य सरकार ने जारी किए थे अनुपालन आदेश
हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद जयपुर पुलिस आयुक्त ने 8 सितंबर 2018 को आदेश जारी किया था। इस आदेश में अमरूदों का बाग और अंबेडकर सर्किल के आसपास कार्यालय समय के दौरान किसी भी प्रकार की बैठक, कार्यक्रम, रैली या प्रदर्शनी की अनुमति नहीं देने और मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
 
इसके बाद 8 मार्च 2019 को अपने अंतिम निर्णय में राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 8 सितंबर 2018 के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा था कि साइलेंस जोन घोषित सभी क्षेत्रों, विशेषकर अस्पतालों, न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों के आसपास इन नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
विज्ञापन

 
सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं का किया निस्तारण
प्रशासक न्यायमूर्ति सुदर्शन कुमार मिश्रा (सेवानिवृत्त) और एसएमएस इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ने हाई कोर्ट के निर्देशों को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं का निस्तारण करते हुए हाई कोर्ट के आदेशों को निरस्त करने से इनकार कर दिया। इस फैसले के साथ ही जयपुर के जनपथ और अंबेडकर सर्किल जैसे संवेदनशील संस्थागत क्षेत्रों में ट्रैफिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के नियमन से जुड़ी व्यवस्था फिलहाल यथावत बनी रहेगी। अदालत ने साथ ही राज्य सरकार को आवश्यक वैधानिक आदेश जारी करने की स्वतंत्रता भी दी है।


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें