राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के सामने प्रदर्शन करते छात्र
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राजधानी जयपुर में युवाओं और छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर जवाहर सर्किल पर बड़ी संख्या में युवा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्र भूख हड़ताल कर रहे हैं। आंदोलन का मुख्य मुद्दा पेपर लीक की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्रसंघ चुनावों की बहाली है।
'युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है'
अमर उजाला से बातचीत में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र ने कहा कि आज का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को समय रहते इस गंभीर समस्या पर ठोस कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। छात्रों ने स्पष्ट कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विधानसभा घेराव की बनाई जा रही रणनीति
छात्रों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले दिल्ली में संसद भवन की ओर कूच किया गया था और अब राजस्थान में विश्वविद्यालय से विधानसभा तक मार्च निकालकर विधानसभा का घेराव करने की रणनीति बनाई जा रही है।
छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग भी हुई तेज
इसी दौरान राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर एक अन्य समूह भी पिछले नौ दिनों से धरने पर बैठा है। इन छात्रों की प्रमुख मांग छात्रसंघ चुनावों की बहाली है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से छात्रों की समस्याओं को उठाने वाला कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं है। जब वे प्रशासन से बातचीत करने जाते हैं तो उनसे पूछा जाता है कि वे किस हैसियत से बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि छात्रसंघ चुनाव बहाल होंगे तो छात्रों को अपना लोकतांत्रिक प्रतिनिधि मिलेगा, जो उनकी समस्याओं को प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से रख सकेगा।
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पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की दोहराई मांग
धरने पर बैठे छात्रों ने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के लिए सबसे गंभीर चुनौती बताया। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद यदि परीक्षाएं पेपर लीक जैसी घटनाओं की भेंट चढ़ जाती हैं तो युवाओं का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठने लगता है। छात्रों ने सरकार से पारदर्शी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल करने की मांग दोहराई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।