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राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारी की मजबूती के लिए कई एजेंसियों ने मिलाया हाथ, क्या है मिलिट्री सिविल फ्यूजन अभियान?

Sat, 28 Mar 2026 03:50 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur News: दक्षिणी कमान के मिलिट्री सिविल फ्यूजन अभियान ने बहु-एजेंसी समन्वय से राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारी मजबूत की। विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी से सहयोग, सूचना प्रवाह और त्वरित निर्णय क्षमता बढ़ी, जो आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सहायक साबित हुई।

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दक्षिणी कमान द्वारा संचालित मिलिट्री सिविल फ्यूजन अभियान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दक्षिणी कमान द्वारा संचालित मिलिट्री सिविल फ्यूजन अभियान ने एकीकृत बहु-एजेंसी समन्वय के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारी को नई मजबूती प्रदान की है। इस व्यापक अभियान के तहत सशस्त्र बलों, नागरिक प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत को एक साझा मंच पर लाकर समन्वित प्रयासों को बढ़ावा दिया गया। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और दक्षिणी राज्यों में आयोजित विभिन्न गतिविधियों ने ‘सम्पूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण’ की अवधारणा को प्रभावी रूप से साकार किया।

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इस पहल का मुख्य उद्देश्य बदलते और जटिल सुरक्षा परिदृश्य में विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और सामूहिक प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ करना रहा। अभियान के दौरान परिचालन, प्रौद्योगिकी, प्रशासनिक और ज्ञान-आधारित क्षमताओं के समेकन को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, नागरिक उड्डयन, वन एवं खनन विभागों सहित एनसीसी और उद्योग भागीदारों की सक्रिय भागीदारी रही।

मुख्यालय दक्षिणी कमान, पुणे में आयोजित उच्च स्तरीय टेबल टॉप एक्सरसाइज इस अभियान का प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अभ्यास के माध्यम से हिंटरलैंड सुरक्षा और बहु-क्षेत्रीय खतरों के प्रति तैयारी का आकलन किया गया।
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इसके अतिरिक्त, पुणे, भोपाल, बबीना, चेन्नई, बेलगावी, हैदराबाद, जोधपुर और जैसलमेर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों ने क्षेत्रीय स्तर पर समन्वय और सुरक्षा तैयारियों को और सुदृढ़ किया। काउंटर-यूएएस सेमिनार, संयुक्त अभ्यास, निगरानी गतिविधियां और सुरक्षा सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों ने उभरते खतरों की साझा समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग और विश्वास का बढ़ना रहा। साझा प्रयासों से सूचना प्रवाह में सुधार हुआ, निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज हुई और संकट की स्थिति में समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हुई।

यह अभियान इस बात को रेखांकित करता है कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का समाधान केवल सैन्य प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए नागरिक और सैन्य तंत्र के बीच मजबूत साझेदारी आवश्यक है। दक्षिणी कमान का यह मॉडल भविष्य उन्मुख, अनुकूलनक्षम और सहयोगात्मक सुरक्षा ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

 

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